फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   भ्रांतियों में न उलझें व्यापारी, आसान होगी राह

भ्रांतियों में न उलझें व्यापारी, आसान होगी राह

Fri, 30 Jun 2017 12:07 AM IST
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
भ्रांतियों में न उलझें व्यापारी, आसान होगी राह
भ्रांतियों में न उलझें व्यापारी, आसान होगी राह
विज्ञापन


बागपत। पशुधन, मत्स्य एवं लघु सिंचाई मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा जीएसटी को लेकर किसी को मन में संशय रखने की आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है। जीएसटी के लिए केवल उन व्यापारियों को पंजीकरण कराना होगा, जिनकी सीमा 20 लाख टर्न ओवर से अधिक है। इससे कम टर्न ओवर के व्यापारियों को पंजीयन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में जीएसटी विषय पर जिले के प्रभारी मंत्री ने व्यापारियों के साथ बैठक की। इसमें रिम धुरा निर्माता भी शामिल रहे। बघेल ने कहा जीएसटी लागू होने से इंस्पेक्टर राज खत्म होगा, जो व्यापारियों के हितों में है। टैक्स के ऊपर टैक्स से मुक्ति मिलेगी। बिना वजह कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जीएसटी में पंजीयन की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये रुपये कर दी, इससे सवा तीन लाख छोटे व्यापारी के दायरे से अपने आप बाहर हो जाएंगे। तमाम झंझटों से मुक्ति मिलेगी। मंझले स्तर के व्यापारियों का भी ध्यान रखा गया है, उनके लिए समाधान योजना की व्यवस्था की गई है। इसका लाभ 75 लाख सालाना तक के व्यापारी लाभ ले सकते हैं। 80 प्रतिशत व्यापारी सरकारी अधिकारियों और दफ्तरों की भागदौड़ से बाहर हो जाएंगे। जीएसटी से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन

इस मौके पर सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा जीएसटी से देश की विकास दर बढ़ेगी और व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी इसका लाभ पहुंचेगा। जिलाध्यक्ष संजय खोखर ने भी जीएसटी की विशेषताओं को बताया। वाणिज्य कर कार्यालय अफसर एके गुप्ता ने व्यापारियों की सभी शंकाओं को दूर किया। बड़ौत विधायक केपी मलिक, सोनिया चौधरी, रामपाल नेहरा एडवोकेट, नंदलाल डोगरा, जयप्रकाश जैन, संजय रुहेला, उदय सिंह चौहान, मनोज वर्मा, मनोज धामा, रामकिशन, राधेश्याम, सुधीर कुशवाहा, नरेश वर्मा, महेश आर्य, प्रियंका आर्य, राकेश जेन, बिजेंद्र शर्मा, श्याम सुंदर, नंदलाल डोगरा, पवन गोयल और भूपेंद्र चौहान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जो व्यापारी दुकान में मुख्य पांच सामान बेचता हो वो जीएसटी में उसी पांच सामान के अनुसार अपना जीएसटी में पंजीकरण करा सकते हैं। उसके बाद कोई भी सामान बेचा जा सकता है। पांच सामान की लिस्ट देना जरूरी है।
संयुक्त व्यापार वेलफेयर एसोसिएशन ने छोटे व्यापारियों की जीएसटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख करने, बस स्टैंड, नगर पालिका की समा विस्तार, छोटे व्यापारियों को समाधान योजना में कागजी कार्रवाई से मुक्ति, हाईवे का निर्माण की मांग उठाई। इस दौरान संजय रुहेला, नंदलाल डोगरा, कुलभूषण जैन, ओमपाल शर्मा, उदय सिंह चौहान मौजूद रहे। दूसरी तरफ संजीव कुमार जैन ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देकर बताया दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में अवैध नियुक्तियों कराई गई है, जिसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाए। इसमें नरेंद्र कुमार जैन, राकेश जेन, रालूराम, श्योप्रसाद जैन, विनोद कुमार जैन मौजूद रहे। जिले के प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल ने व्यापारियों से कहा वह व्यापार कर के विषय में पारंगत नहीं है। वह किसानों की राजनीति करते हैं, लेकिन जीएसटी से प्रत्येक वर्ग का लाभ होगा।

व्यापारी नेता जय प्रकाश जैन ने मंत्री एसपी सिंह बघेल को बताया जिला शामली और बड़ौत (बागपत) में रिम धुरा उद्योग बड़ा उद्योग है। वाणिज्य कर विभाग अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर सका है कि उनके ऊपर कितना टैक्स लगेगा। समस्या के निदान की मांग रखी। इस पर वाणिज्य कर अधिकारी ने स्पष्ट किया रिम धुरा निर्माता पर 12 प्रतिशत टैक्स ही लगेगा। पशुधन मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा व्यापारी निश्चित रहे, किसी का शोषण नहीं होगा। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर नि:शुल्क पंजीयन करा लें। जिले की समस्याओं के भी शीघ्र समाधान का उन्होंने भरोसा दिलाया। व्यापारी सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा व्यापारियों को 10 जुलाई तक आउटवर्ड सप्लाई का बिल वार विवरण जीएसएनटीएन पोर्टल पर अप लोड करना है। ई पेमेंट से भुगतान होगा, केवल 10 हजार रुपये तक ही नगद जमा किया जा सकेगा। समाधान योजना में भाग लेने वाले व्यापारियों को त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने हैं। व्यापारियों को अपने व्यवसाय के संबंध में अनेक रिटर्न दाखिल नहीं करने हैं, अनेक स्तरों पर यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि व्यापारी को एक माह में तीन रिटर्न दाखिल करने हैं, लेकिन हकीकत यह है कि एक माह में सिर्फ एक ही रिटर्न दाखिल करना है। नियमित रिटर्न समुचित तौर पर दाखिल करने वाले व्यापारियों का स्वत: कर निर्धारण हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed