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बारिश से कम हुआ स्मॉग, मरीजों को अब भी परेशानी
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:49 AM IST
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बारिश से कम हुआ स्मॉग, मरीजों को अब भी परेशानी
बागपत। बारिश के बाद लोगों को स्मॉग से राहत मिलनी शुरू हो गई है। बुधवार को जिले का एक्यूआई स्तर घटकर 299 पर पहुंच गया। शुद्धता के स्तर पर हवा की गुणवत्ता अभी भी खराब है। लेकिन पिछले कई दिन से एक्यूआई स्तर 400 के पार जा रहा था। तब से काफी राहत है। दूसरी ओर मरीजों को इस मौसम से अब भी परेशानी हो रही है। खांसी, सांस और दमे के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। स्मॉग के कारण गले और खांसी के मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ गई है।
मंगलवार की बारिश के बाद बुधवार दोपहर को धूप काफी खिली रही। इसके साथ ही स्मॉग भी काफी हद तक छंटा नजर आया। इससे शहर से लेकर आसपास सड़कों पर राहगीरों को आने जाने और काम करने में कम परेशानी हुई। लेकिन पिछले एक सप्ताह से खराब हवा और मौसम की वजह से बच्चों में खांसी और गले संबंधी बीमारियां अभी कम नहीं हुई हैं। जिला अस्पताल में खांसी, जुकाम और गले की बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ी है। गले की समस्याओं के मरीज बढ़े हैं। सीएमएस डॉ बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि बच्चों की संख्या बढ़ी है, इसी तरह खांसी के मरीज भी बढ़े हैं। मौसम में बदलाव खांसी और जुकाम की वजह होता है।
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अभी भी सावधानी की जरूरत : सीएमओ
बागपत। हवा का स्तर भले ही कुछ सुधरा हो। लेकिन सेहत के लिहाज से अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है। सीएमओ डा. सुषमा चंद्रा कहती हैं कि बारिश के बाद मौसम में आए बदलाव से स्मॉग पर भी फर्क पड़ा है। लेकिन इतना स्मॉग अब तक बाकी है जिससे सेहत खतरे में पड़ सकती है। इसलिए सांस, दमा, एलर्जी और नेत्रों से जुड़े रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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बागपत। बारिश के बाद लोगों को स्मॉग से राहत मिलनी शुरू हो गई है। बुधवार को जिले का एक्यूआई स्तर घटकर 299 पर पहुंच गया। शुद्धता के स्तर पर हवा की गुणवत्ता अभी भी खराब है। लेकिन पिछले कई दिन से एक्यूआई स्तर 400 के पार जा रहा था। तब से काफी राहत है। दूसरी ओर मरीजों को इस मौसम से अब भी परेशानी हो रही है। खांसी, सांस और दमे के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। स्मॉग के कारण गले और खांसी के मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ गई है।
मंगलवार की बारिश के बाद बुधवार दोपहर को धूप काफी खिली रही। इसके साथ ही स्मॉग भी काफी हद तक छंटा नजर आया। इससे शहर से लेकर आसपास सड़कों पर राहगीरों को आने जाने और काम करने में कम परेशानी हुई। लेकिन पिछले एक सप्ताह से खराब हवा और मौसम की वजह से बच्चों में खांसी और गले संबंधी बीमारियां अभी कम नहीं हुई हैं। जिला अस्पताल में खांसी, जुकाम और गले की बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ सुनील कुमार का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ी है। गले की समस्याओं के मरीज बढ़े हैं। सीएमएस डॉ बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि बच्चों की संख्या बढ़ी है, इसी तरह खांसी के मरीज भी बढ़े हैं। मौसम में बदलाव खांसी और जुकाम की वजह होता है।
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अभी भी सावधानी की जरूरत : सीएमओ
बागपत। हवा का स्तर भले ही कुछ सुधरा हो। लेकिन सेहत के लिहाज से अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है। सीएमओ डा. सुषमा चंद्रा कहती हैं कि बारिश के बाद मौसम में आए बदलाव से स्मॉग पर भी फर्क पड़ा है। लेकिन इतना स्मॉग अब तक बाकी है जिससे सेहत खतरे में पड़ सकती है। इसलिए सांस, दमा, एलर्जी और नेत्रों से जुड़े रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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