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दोघट में बीमारी से 57 सूकर की मौत
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:04 AM IST
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दोघट (बागपत)।
कस्बा दोघट में सूकर में बीमारी फैली हुई है। बीमारी से अब तक 57 सूकर की मौत हो चुकी है। पशु पालन विभाग को सूचना देने के बाद भी अभी तक कस्बे में पशु चिकित्सक नहीं पहुंचे। जबकि वाल्मीकि समाज के लोगों में बीमारी के कारण दहशत फैली हुई।
दोघट कस्बे में खुरपका-मुंहपका बीमारी से पशुओं की मौत का सिलसिला अभी थमा ही था कि सूकरों में बीमारी फैल गई। पिछले 15 दिन में ही 57 सूकर की मौत हो गई। कस्बे की पट्टी मादान में बीमारी से दिनेश के 12, जयपाल के 8, सोनू के 8, रवि के 24, आदेश के पांच सूकर की मौत हो गई। सूकर पालकों ने बताया कि अचानक सूकर के मुंह से झाग निकलने लगे हैं और कुछ घंटों में ही सूकर की मौत हो जाती है। इस बीमारी से वाल्मीकि समाज के लोगों में दहशत फैली हुई है। उन्होंने पशु पालन विभाग को कई बार इस बीमारी के बारे में भी सूचित किया, लेकिन आज तक कोई भी पशु चिकित्सक सूकर का इलाज करने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा यदि चिकित्सकों की टीम बीमार सूकर की जांच करने नहीं पहुंची तो डीएम से शिकायत करेंगे। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि मामला जानकारी में नहीं है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने घरों में सूकर पाल रखे है। पशु चिकित्सालय पर भी कोई सूचना नहीं दी। बृहस्पतिवार को चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमार सूकर की जांच कराई जाएगी।
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कस्बा दोघट में सूकर में बीमारी फैली हुई है। बीमारी से अब तक 57 सूकर की मौत हो चुकी है। पशु पालन विभाग को सूचना देने के बाद भी अभी तक कस्बे में पशु चिकित्सक नहीं पहुंचे। जबकि वाल्मीकि समाज के लोगों में बीमारी के कारण दहशत फैली हुई।
दोघट कस्बे में खुरपका-मुंहपका बीमारी से पशुओं की मौत का सिलसिला अभी थमा ही था कि सूकरों में बीमारी फैल गई। पिछले 15 दिन में ही 57 सूकर की मौत हो गई। कस्बे की पट्टी मादान में बीमारी से दिनेश के 12, जयपाल के 8, सोनू के 8, रवि के 24, आदेश के पांच सूकर की मौत हो गई। सूकर पालकों ने बताया कि अचानक सूकर के मुंह से झाग निकलने लगे हैं और कुछ घंटों में ही सूकर की मौत हो जाती है। इस बीमारी से वाल्मीकि समाज के लोगों में दहशत फैली हुई है। उन्होंने पशु पालन विभाग को कई बार इस बीमारी के बारे में भी सूचित किया, लेकिन आज तक कोई भी पशु चिकित्सक सूकर का इलाज करने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा यदि चिकित्सकों की टीम बीमार सूकर की जांच करने नहीं पहुंची तो डीएम से शिकायत करेंगे। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि मामला जानकारी में नहीं है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने घरों में सूकर पाल रखे है। पशु चिकित्सालय पर भी कोई सूचना नहीं दी। बृहस्पतिवार को चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमार सूकर की जांच कराई जाएगी।
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