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रजबहे की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:49 AM IST
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बासौली में रजबहे की पटरी टूटी, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
रमाला। बासौली गांव के जंगल में रजबहे की पटरी टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की है।
शुक्रवार को बासौली गांव के जंगल में किसान सेवा राम के खेत में रजबहे की पटरी टूट गई। पटरी टूटने से पानी खेतों में भर गया। इससे किसान जसवंत की आठ बीघा, लक्ष्मण, ओमपाल, रामपाल, ऋषिपाल आदि किसानों की सैंकड़ों बीघा गेंहू, जई, सरसों, ईंख की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी। इसके बाद ही रजबहे का पानी बंद कराया गया। उधर, किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने बताया कि कई दिन पहले रजबहे की पटरी में से ही ने गड्ढा खोद दिया गया था। इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी गई। लेकिन गड्ढा बंद नहीं कराया गया है। इसके चलते यह हालात बने। पीड़ित किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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रमाला। बासौली गांव के जंगल में रजबहे की पटरी टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की है।
शुक्रवार को बासौली गांव के जंगल में किसान सेवा राम के खेत में रजबहे की पटरी टूट गई। पटरी टूटने से पानी खेतों में भर गया। इससे किसान जसवंत की आठ बीघा, लक्ष्मण, ओमपाल, रामपाल, ऋषिपाल आदि किसानों की सैंकड़ों बीघा गेंहू, जई, सरसों, ईंख की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी। इसके बाद ही रजबहे का पानी बंद कराया गया। उधर, किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने बताया कि कई दिन पहले रजबहे की पटरी में से ही ने गड्ढा खोद दिया गया था। इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी गई। लेकिन गड्ढा बंद नहीं कराया गया है। इसके चलते यह हालात बने। पीड़ित किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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