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छपरौली नगर पंचायत के चुनाव को लेकर दाखिल याचिका स्वीकार
Updated Sun, 04 Feb 2018 01:24 AM IST
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बागपत। छपरौली नगर पंचायत के चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए जनपद न्यायालय में दाखिल की गई याचिका को स्वीकार कर लिया गया है। जनपद न्यायाधीश उपेंद्र कुमार ने याचिका की सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि तय की है।
निकाय चुनाव पिछले वर्ष 29 नवंबर को हुए थे। इसका परिणाम एक दिसंबर को घोषित हुआ था। छपरौली नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके योगेंद्र कुमार ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि जनपद न्यायाधीश ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। बचाव पक्ष का तर्क था कि निर्धारित समय निकल जाने के बाद याचिका दाखिल की गई, जिसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने बचाव पक्ष के तर्क को खारिज कर दिया और याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि तय की।
ये है मामला
बागपत। छपरौली नगर पंचायत चुनाव में कांटे की टक्कर हुई थी। याची योगेंद्र कुमार का कहना है कि मतदान में उनको 2649 वोट प्राप्त हुए जबकि प्रतिद्वंदी संजीव कुमार को 2657 मत प्राप्त होने की बात कहते हुए प्रशासन ने विजयी घोषित कर दिया था। मतदान के समय कुल 11051 वोट डाले गए थे। मतपेटी पर यह अंकित भी है जबकि मतणना के समय मतपेटी से 11045 वोट निकले हैं। आरोप लगाया कि छह मत गायब कर दिए गए। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में मृतकों के नाम भी अंकित किए गए हैं।
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निकाय चुनाव पिछले वर्ष 29 नवंबर को हुए थे। इसका परिणाम एक दिसंबर को घोषित हुआ था। छपरौली नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके योगेंद्र कुमार ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि जनपद न्यायाधीश ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। बचाव पक्ष का तर्क था कि निर्धारित समय निकल जाने के बाद याचिका दाखिल की गई, जिसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने बचाव पक्ष के तर्क को खारिज कर दिया और याचिका स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि तय की।
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ये है मामला
बागपत। छपरौली नगर पंचायत चुनाव में कांटे की टक्कर हुई थी। याची योगेंद्र कुमार का कहना है कि मतदान में उनको 2649 वोट प्राप्त हुए जबकि प्रतिद्वंदी संजीव कुमार को 2657 मत प्राप्त होने की बात कहते हुए प्रशासन ने विजयी घोषित कर दिया था। मतदान के समय कुल 11051 वोट डाले गए थे। मतपेटी पर यह अंकित भी है जबकि मतणना के समय मतपेटी से 11045 वोट निकले हैं। आरोप लगाया कि छह मत गायब कर दिए गए। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में मृतकों के नाम भी अंकित किए गए हैं।
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