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पीओएस मशीन से मिलेगा खाद
Updated Sun, 20 Aug 2017 02:08 AM IST
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बागपत। सहकारी समितियों के अलावा उर्वरक के थोक विक्रेताओं के लिए अब पीओएस यानि प्वाइंट ऑफ सैल मशीन अनिवार्य होगी। कर्मचारियों को प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो चुका है, जिले में जल्द ही व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
एआर (सहकारिता) विकास नेहरा ने बताया जिले में 36 सहकारी समितियां है, इनके लिए 64 पीओएस मशीनों की मांग की । उन्हें 47 मशीनें उपलब्ध करा दी। इन मशीनों को समितियों में भेज दिया । जल्द ही इनसे खाद का वितरण शुरू कराया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया उर्वरक के थोक विक्रेताओं के लिए भी यह अनिवार्य होगी। इन दुकानों की ऑनलाइन बिलिंग होगी। विभाग ने 88 मशीनों की मांग की है। जल्द ही इन मशीनों से खाद का वितरण कराया जाएगा।
रालोद के युवा जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर ने कहा पीओएस सिस्टम से सीधे-साधे किसानों की परेशानी बढ़ेगी। वर्तमान में परिवार का कोई भी सदस्य जाकर खाद ले आता है, लेकिन पीओएस लग जाने से अंगूठा मैच अनिवार्य हो जाएगा। किसान मुनेश बरवाला ने कहा खाद के वितरण में आसानी होनी चाहिए। समितियों पर मशीन के माध्यम से अगर खाद का वितरण होगा, तो इससे शुरूआती दिनों में परेशानी बढ़ेगी। किसान उपेंद्र तोमर ने कहा पीओएस की व्यवस्था से शुरूआती दिनों में किसानों को परेशानी लाजिमी है। पहले किसानों को भी इसकी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए थी।
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स्टॉक फीड और किसान का पंजीकरण
समितियों पर रखे स्टॉक को पीओएस में फीड कराया जाएगा। समितियों पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। स्टॉक फीड और किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। समितियों से खाद लेने के लिए किसान को पहले सोसायटी पर पंजीकरण कराना होगा। बैंक खाता, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर इसके लिए जरूरी है। खाद लेने के लिए जाते वक्त किसान को अपना पंजीकरण नंबर या आधार कार्ड लेकर समितियों पर जाना होगा।
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एआर (सहकारिता) विकास नेहरा ने बताया जिले में 36 सहकारी समितियां है, इनके लिए 64 पीओएस मशीनों की मांग की । उन्हें 47 मशीनें उपलब्ध करा दी। इन मशीनों को समितियों में भेज दिया । जल्द ही इनसे खाद का वितरण शुरू कराया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया उर्वरक के थोक विक्रेताओं के लिए भी यह अनिवार्य होगी। इन दुकानों की ऑनलाइन बिलिंग होगी। विभाग ने 88 मशीनों की मांग की है। जल्द ही इन मशीनों से खाद का वितरण कराया जाएगा।
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रालोद के युवा जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर ने कहा पीओएस सिस्टम से सीधे-साधे किसानों की परेशानी बढ़ेगी। वर्तमान में परिवार का कोई भी सदस्य जाकर खाद ले आता है, लेकिन पीओएस लग जाने से अंगूठा मैच अनिवार्य हो जाएगा। किसान मुनेश बरवाला ने कहा खाद के वितरण में आसानी होनी चाहिए। समितियों पर मशीन के माध्यम से अगर खाद का वितरण होगा, तो इससे शुरूआती दिनों में परेशानी बढ़ेगी। किसान उपेंद्र तोमर ने कहा पीओएस की व्यवस्था से शुरूआती दिनों में किसानों को परेशानी लाजिमी है। पहले किसानों को भी इसकी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए थी।
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स्टॉक फीड और किसान का पंजीकरण
समितियों पर रखे स्टॉक को पीओएस में फीड कराया जाएगा। समितियों पर इसकी तैयारियां शुरू हो गई है। स्टॉक फीड और किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। समितियों से खाद लेने के लिए किसान को पहले सोसायटी पर पंजीकरण कराना होगा। बैंक खाता, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर इसके लिए जरूरी है। खाद लेने के लिए जाते वक्त किसान को अपना पंजीकरण नंबर या आधार कार्ड लेकर समितियों पर जाना होगा।