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समितियां बचाएगी हिंडन और कृष्णा के अस्तित्व को
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:52 PM IST
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हिंडन और कृष्णा बचाने के लिए सक्रिय होंगी समितियां
बागपत। प्रदूषण से अस्तित्व खोती जा रही हिंडन और कृष्णा नदी को बचाने के लिए प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार की है। नदी से सटे गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगेंगे और सीडीओ की अध्यक्षता की एक समिति का गठन होगा। हिंडन को को पुनर्जीवन देने के लिए कार्य होगा। सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।
कभी अविरल और निर्मल रही हिंडन नदी वर्तमान में जानलेवा बनती जा रही है। पानी दूषित है और लोग बीमार होते जा रहे है। मंडलायुक्त ने हिंडन को पुनर्जीवन देने के लिए अभियान चलाया। अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने अफसरों को निर्मल हिंडन अभियान की जानकारी दी। हिंडन और कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में ग्राम समितियों के गठन कराया जाएगा। इसके अध्यक्ष ग्राम प्रधान होंगे। ग्राम पंचायत सदस्य, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एनएनएम, कोटेदार, हल्का लेखपाल, प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को भी समिति में शामिल किया जाएगा।
सीडीओ की अध्यक्षता में सभी संबंधित जिला स्तरीय प्राधिकारियों की समिति भी गठित होगी। नदी के किनारे बसे गांवों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर लगेंगे। राजस्व विभाग के नक्शे के अनुसार नदी का सीमाकंन कराया जाएगा। अभियान में 40 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया है कि 31 अक्टूबर तक हिंडन की सहायक नदियों के किनारे ग्राम पंचायतों को प्रत्येक दशा में ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) किया जाना है। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है मंडलायुक्त के अभियान के तहत तेजी के साथ कार्रवाई की जानी है।
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बागपत। प्रदूषण से अस्तित्व खोती जा रही हिंडन और कृष्णा नदी को बचाने के लिए प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार की है। नदी से सटे गांवों में स्वास्थ्य कैंप लगेंगे और सीडीओ की अध्यक्षता की एक समिति का गठन होगा। हिंडन को को पुनर्जीवन देने के लिए कार्य होगा। सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।
कभी अविरल और निर्मल रही हिंडन नदी वर्तमान में जानलेवा बनती जा रही है। पानी दूषित है और लोग बीमार होते जा रहे है। मंडलायुक्त ने हिंडन को पुनर्जीवन देने के लिए अभियान चलाया। अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने अफसरों को निर्मल हिंडन अभियान की जानकारी दी। हिंडन और कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में ग्राम समितियों के गठन कराया जाएगा। इसके अध्यक्ष ग्राम प्रधान होंगे। ग्राम पंचायत सदस्य, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एनएनएम, कोटेदार, हल्का लेखपाल, प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को भी समिति में शामिल किया जाएगा।
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सीडीओ की अध्यक्षता में सभी संबंधित जिला स्तरीय प्राधिकारियों की समिति भी गठित होगी। नदी के किनारे बसे गांवों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर लगेंगे। राजस्व विभाग के नक्शे के अनुसार नदी का सीमाकंन कराया जाएगा। अभियान में 40 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया है कि 31 अक्टूबर तक हिंडन की सहायक नदियों के किनारे ग्राम पंचायतों को प्रत्येक दशा में ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) किया जाना है। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है मंडलायुक्त के अभियान के तहत तेजी के साथ कार्रवाई की जानी है।