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चित्र रेखा जैन को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:49 AM IST
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बागपत। शिक्षा क्षेत्र में सेवा के लिए दिए जाने वाले राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए छपरौली के श्री शांति सागर दिगंबर जैन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य चित्र रेखा जैन का चयन हुआ। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में उन्हें यह पुरस्कार देेंगे। चयन के बाद शिक्षिका ने खुशी जताई है।
जिला चयन समिति के प्रस्ताव के बाद शासन ने भी चित्र रेखा जैन के चयन पर अंतिम मुहर लगा दी। सरधना की बेटी रेखा जैन की शादी छपरौली में हुई । वर्ष 1980 में उन्होंने बतौर शिक्षक स्कूल ज्वाइन किया। साल 2000 में उन्हें प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी दी गई। साल 2017 के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए जिला चयन समिति के समक्ष किए आवेदनों में उनका नाम फाइनल कर शासन को भेजा। पुरस्कार के लिए चयन होने से खुशी का माहौल है। सीएम योगी आदित्यनाथ पांच सितंबर को लखनऊ स्थित लोक भवन में यह पुरस्कार उन्हें प्रदान करेंगे।
शिक्षक बनने का सपना था साकार किया
बागपत। रेखा जैन बताती हैं कि उनके बचपन का सपना शिक्षक बनने का था, उन्होंने मेहनत की और कामयाबी हासिल की। साल 1973 में सरधना से ही दसवीं की पढ़ाई की। पिता सरकारी नौकरी में थे। उच्च शिक्षा के बाद उनकी शादी छपरौली के बिजनेसमैन जिनेंद्र कुमार जैन के साथ कर दी। वह कहती है कि बचपन से ही वह शिक्षक बनना चाहती है और मेहनत कर उन्होंने अपने सपने को साकार किया।
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अभिभावकों का भरोसा कायम रखें शिक्षक
बागपत। रेखा जैन कहती हैं कि शिक्षकों का कर्तव्य है कि वह अभिभावकों का भरोसा कायम रखें। बच्चों को उनके पास भविष्य निर्माण के लिए भेजा जाता है, इसलिए मेहनत से बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें।
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जिला चयन समिति के प्रस्ताव के बाद शासन ने भी चित्र रेखा जैन के चयन पर अंतिम मुहर लगा दी। सरधना की बेटी रेखा जैन की शादी छपरौली में हुई । वर्ष 1980 में उन्होंने बतौर शिक्षक स्कूल ज्वाइन किया। साल 2000 में उन्हें प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी दी गई। साल 2017 के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए जिला चयन समिति के समक्ष किए आवेदनों में उनका नाम फाइनल कर शासन को भेजा। पुरस्कार के लिए चयन होने से खुशी का माहौल है। सीएम योगी आदित्यनाथ पांच सितंबर को लखनऊ स्थित लोक भवन में यह पुरस्कार उन्हें प्रदान करेंगे।
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शिक्षक बनने का सपना था साकार किया
बागपत। रेखा जैन बताती हैं कि उनके बचपन का सपना शिक्षक बनने का था, उन्होंने मेहनत की और कामयाबी हासिल की। साल 1973 में सरधना से ही दसवीं की पढ़ाई की। पिता सरकारी नौकरी में थे। उच्च शिक्षा के बाद उनकी शादी छपरौली के बिजनेसमैन जिनेंद्र कुमार जैन के साथ कर दी। वह कहती है कि बचपन से ही वह शिक्षक बनना चाहती है और मेहनत कर उन्होंने अपने सपने को साकार किया।
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अभिभावकों का भरोसा कायम रखें शिक्षक
बागपत। रेखा जैन कहती हैं कि शिक्षकों का कर्तव्य है कि वह अभिभावकों का भरोसा कायम रखें। बच्चों को उनके पास भविष्य निर्माण के लिए भेजा जाता है, इसलिए मेहनत से बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें।