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ईख की फसल पर मिली बग रोग
Updated Thu, 26 Jul 2018 01:20 AM IST
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बागपत। सरूरपुर कलां गांव में ईख की फसल को बीमारियों ने जकड़ना शुरू कर दिया। फसल की ग्रोथ रुक गई है। किसान परेशान हैं। किसानों ने जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह को इससे अवगत कराया। उन्होंने टीम को भेजकर इसकी जांच कराई और किसानों को बचाव की जानकारी दी।
मौसम बदलने से फसलों में कीड़े और रोग लगने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसी मौसम परिवर्तन के कारण सरूरपुर कलां गांव में ईंख की फसल रोग की चपेट में आ गई है। यह रोग निरंतर फैलता जा रहा है। इससे फसल की बढ़ना रुक गया है। किसान सुभाष नैन ने अन्य किसानों के साथ जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह को इस रोग के बारे में बताया। जानकारी दी पत्तियों पर सफेद रंग के धब्बे बन गए है। इससे फसलों की ग्रोथ रुक गई है। यह रोग किस वजह से हुआ है इसका कोई भी कारण समझा में नहीं आ रहा है। किसानों को चिंता सताने लगी है। किसानों ने इस रोग से निजात दिलाने की मांग की। जिसके बाद जिला कृषि अधिकारी ने टीम को गांव में भेजकर रोग के बारे में जांच पड़ताल कराई। कृषि अधिकारी ने बताया कि यह रोग मिली बग है। किसी भी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। बरसात के मौसम में अपने आप खत्म हो जाता है। दवा के छिड़काव से निजात मिल जाएगी।
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मौसम बदलने से फसलों में कीड़े और रोग लगने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इसी मौसम परिवर्तन के कारण सरूरपुर कलां गांव में ईंख की फसल रोग की चपेट में आ गई है। यह रोग निरंतर फैलता जा रहा है। इससे फसल की बढ़ना रुक गया है। किसान सुभाष नैन ने अन्य किसानों के साथ जिला कृषि अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह को इस रोग के बारे में बताया। जानकारी दी पत्तियों पर सफेद रंग के धब्बे बन गए है। इससे फसलों की ग्रोथ रुक गई है। यह रोग किस वजह से हुआ है इसका कोई भी कारण समझा में नहीं आ रहा है। किसानों को चिंता सताने लगी है। किसानों ने इस रोग से निजात दिलाने की मांग की। जिसके बाद जिला कृषि अधिकारी ने टीम को गांव में भेजकर रोग के बारे में जांच पड़ताल कराई। कृषि अधिकारी ने बताया कि यह रोग मिली बग है। किसी भी तरह की टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। बरसात के मौसम में अपने आप खत्म हो जाता है। दवा के छिड़काव से निजात मिल जाएगी।
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