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किसान और मजदूर के सच्चे रहनुमा थे चौधरी साहब
Updated Fri, 11 May 2018 01:04 AM IST
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बिनौली (बागपत)। जिवाना गुलियान के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में चौधरी चरण सिंह समाज सुधार मंच के तत्वावधान में वर्तमान परिवेश में चौधरी चरण सिंह की नीतियों की प्रासांगिकता विषय पर विचार गोष्ठी हुई।
बृहस्पतिवार को गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की ने हमेशा स्वच्छ मूल्यों एवं नीतियों पर आधारित राजनीति की, लेकिन बिडंबना ये है कि आज राजनेता अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। समाज को धर्म, जाति, बिरादरी में बांटकर राजनीति हो रही है, जो देश के विकास को अवरुद्ध कर रही है। चौधरी साहब ने धर्म और जाति बिरादरी से ऊपर उठकर किसान और मजदूरों को एकजुट कर जीवन भर उनके हकों के लिए काम किया। चौधरी साहब किसान मजदूर और गरीबों के सच्चे रहनुमा रहे।
करनाल से आए प्रो. विजयपाल सिंह ने कहा चौधरी साहब द्वारा आर्थिक नीतियों पर लिखी पुस्तक विदेशों के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही हैं। प्रो. भाग सिंह आर्य ने कहा कि वे महर्षि दयानंद के सच्चे अनुयायी और पक्के आर्य समाजी थे। गोष्ठी में योगाचार्य अरविंद शास्त्री, हरपाल सिंह आर्य, पप्पन राणा, मित्रमुनि, रुकमपाल सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य राजपाल सिंह, सविता आर्या, विनोद खेड़ा, मास्टर सतबीर राठी प्रधानाचार्य डॉ. राजीव खोखर ने विचार व्यक्त किए। इस गोष्ठी की अध्यक्षता रालोद के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने की। संचालन उपप्रधानाचार्य डॉ. सुशील वत्स ने किया। इसमें ब्रजमोहन शर्मा, डॉ ओमवीर सिंह, बच्चू सिंह राणा, सतबीर फौजी सिरसली, नरेंद्र सोलंकी, महाशय ओमपाल, जिया उल श्योराण, जनार्दन शर्मा, पप्पी धामा, डॉ. अनिल आर्य, डॉ. सुनील आर्य, विनोद तोमर, रविंद्र कुमार, आनंद छिल्लर, दिलशाद खान, उपेंद्र चौधरी, हरबीर सिंह आदि रहे।
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बृहस्पतिवार को गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह की ने हमेशा स्वच्छ मूल्यों एवं नीतियों पर आधारित राजनीति की, लेकिन बिडंबना ये है कि आज राजनेता अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। समाज को धर्म, जाति, बिरादरी में बांटकर राजनीति हो रही है, जो देश के विकास को अवरुद्ध कर रही है। चौधरी साहब ने धर्म और जाति बिरादरी से ऊपर उठकर किसान और मजदूरों को एकजुट कर जीवन भर उनके हकों के लिए काम किया। चौधरी साहब किसान मजदूर और गरीबों के सच्चे रहनुमा रहे।
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करनाल से आए प्रो. विजयपाल सिंह ने कहा चौधरी साहब द्वारा आर्थिक नीतियों पर लिखी पुस्तक विदेशों के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही हैं। प्रो. भाग सिंह आर्य ने कहा कि वे महर्षि दयानंद के सच्चे अनुयायी और पक्के आर्य समाजी थे। गोष्ठी में योगाचार्य अरविंद शास्त्री, हरपाल सिंह आर्य, पप्पन राणा, मित्रमुनि, रुकमपाल सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य राजपाल सिंह, सविता आर्या, विनोद खेड़ा, मास्टर सतबीर राठी प्रधानाचार्य डॉ. राजीव खोखर ने विचार व्यक्त किए। इस गोष्ठी की अध्यक्षता रालोद के जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने की। संचालन उपप्रधानाचार्य डॉ. सुशील वत्स ने किया। इसमें ब्रजमोहन शर्मा, डॉ ओमवीर सिंह, बच्चू सिंह राणा, सतबीर फौजी सिरसली, नरेंद्र सोलंकी, महाशय ओमपाल, जिया उल श्योराण, जनार्दन शर्मा, पप्पी धामा, डॉ. अनिल आर्य, डॉ. सुनील आर्य, विनोद तोमर, रविंद्र कुमार, आनंद छिल्लर, दिलशाद खान, उपेंद्र चौधरी, हरबीर सिंह आदि रहे।
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