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सिनौली व लाक्षागृह बरनावा पर उत्खनन कार्य
Updated Sat, 24 Feb 2018 12:56 AM IST
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बिनौली (बागपत)। भारतीय पुरातत्व संस्थान और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने बरनावा लाक्षागृह और सिनौली गांव में शुक्रवार को भी उत्खनन कार्य को भी जारी रहा।
एएसआई के अधिकारियों के निर्देशन में कई दर्जन कर्मचारी बरनावा मेें उत्खनन कर रहे हैं। यहां मिट्टी से बनी महत्वपूर्ण पॉटरियां और मृदभांड के अवशेष मिल चुके हैं, जिन्हें सुरक्षित जगहों पर रखा है। दिल्ली से आया छात्रों का एक दल भी यहां उत्खनन की जानकारियां जुटा रहा है और उत्खनन मेें लगे कर्मचारियों और मजदूरों का सहयोग कर रहा है।
दूसरी तरफ 13 साल बाद सिनौली गांव मेें एक बार फिर उत्खनन शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को भी उत्खनन का कार्य जारी रहा। हालांकि कुछ खास मिलने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। दूसरी तरफ शहजाद राय शोध संस्थान के अमित राय जैन ने बताया 2005 में उत्खनन किया, जो पांच माह बाद रोक दिया। उस समय वहां पर विश्व का सबसे बड़ा हड़प्पा कालीन शवाधान केंद्र मिला । यहां पर डेढ़ सौ कंकाल भी मिले थे।
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एएसआई के अधिकारियों के निर्देशन में कई दर्जन कर्मचारी बरनावा मेें उत्खनन कर रहे हैं। यहां मिट्टी से बनी महत्वपूर्ण पॉटरियां और मृदभांड के अवशेष मिल चुके हैं, जिन्हें सुरक्षित जगहों पर रखा है। दिल्ली से आया छात्रों का एक दल भी यहां उत्खनन की जानकारियां जुटा रहा है और उत्खनन मेें लगे कर्मचारियों और मजदूरों का सहयोग कर रहा है।
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दूसरी तरफ 13 साल बाद सिनौली गांव मेें एक बार फिर उत्खनन शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को भी उत्खनन का कार्य जारी रहा। हालांकि कुछ खास मिलने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। दूसरी तरफ शहजाद राय शोध संस्थान के अमित राय जैन ने बताया 2005 में उत्खनन किया, जो पांच माह बाद रोक दिया। उस समय वहां पर विश्व का सबसे बड़ा हड़प्पा कालीन शवाधान केंद्र मिला । यहां पर डेढ़ सौ कंकाल भी मिले थे।
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