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स्टाम्प विक्रेता लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की
Updated Thu, 01 Feb 2018 01:16 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
मुख्य डाकघर गांधी रोड के सामने एक स्टांप विक्रेता पर भ्रष्टाचार के आरोप के मामले में जांच के बाद सहायक निरीक्षक निबंधन बागपत ने उसका लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति एडीएम को भेजी है।
शिकायकर्ता वीरेंद्र सिंह, अरुण कुमार और राजपाल सिंह निवासी बावली ने 10 जनवरी को डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को शिकायती पत्र भेजकर बड़ौत की डाकखाना रोड पर कपडे़ की दुकान पर बैठने वाले स्टांप विक्रेता प्रमोद कुमार जैन पर 100-100 रुपये के दो स्टांप पत्रों की एवज मेें 220 रुपये लेने की शिकायत की जबकि नियमानुसार इन्हें 200 रुपये में विक्रय करना था।
डीएम ने एडीएम (वित्त) को जांच कराने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर एडीएम (वित्त) ने सहायक निरीक्षक निबंधन बागपत राम दयाल को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सहायक निरीक्षक निबंधन बागपत ने बताया कि जांच में आरोप सिद्ध हो गए हैं, इसलिए उक्त स्टांप विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति एडीएम को भेज। स्टांप विक्रेता का लाइसेंस एडीएम द्वारा जारी किया जाता है, इसलिए इस प्रकरण में स्टांप विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार भी उन्हें ही है। उधर स्टांप विक्रेता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया।
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मुख्य डाकघर गांधी रोड के सामने एक स्टांप विक्रेता पर भ्रष्टाचार के आरोप के मामले में जांच के बाद सहायक निरीक्षक निबंधन बागपत ने उसका लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति एडीएम को भेजी है।
शिकायकर्ता वीरेंद्र सिंह, अरुण कुमार और राजपाल सिंह निवासी बावली ने 10 जनवरी को डीएम ऋषिरेंद्र कुमार को शिकायती पत्र भेजकर बड़ौत की डाकखाना रोड पर कपडे़ की दुकान पर बैठने वाले स्टांप विक्रेता प्रमोद कुमार जैन पर 100-100 रुपये के दो स्टांप पत्रों की एवज मेें 220 रुपये लेने की शिकायत की जबकि नियमानुसार इन्हें 200 रुपये में विक्रय करना था।
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डीएम ने एडीएम (वित्त) को जांच कराने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर एडीएम (वित्त) ने सहायक निरीक्षक निबंधन बागपत राम दयाल को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सहायक निरीक्षक निबंधन बागपत ने बताया कि जांच में आरोप सिद्ध हो गए हैं, इसलिए उक्त स्टांप विक्रेता का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति एडीएम को भेज। स्टांप विक्रेता का लाइसेंस एडीएम द्वारा जारी किया जाता है, इसलिए इस प्रकरण में स्टांप विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई करने का अधिकार भी उन्हें ही है। उधर स्टांप विक्रेता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया।
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