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कृष्णा नदी के किनारे बसे गांवों में हेल्थ सेंटर बनाने की कवायद तेज
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:09 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
कृष्ण नदी के किनारे बसें गांवों में निर्मल हिंडन कार्यक्रम के तहत खोलने जाने वाले हेल्थ सेंटर की स्थापना को लेकर कवायद तेज हो गई। शनिवार की देर शाम कमिश्नर मेरठ के आदेश पर टीम क्षेत्र के कई गांव पहुंची और लोगों से जानकारी जुटाई।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला द्वारा कृष्ण नदी के किनारे बसे गांवों में फैली बीमारियों की खबरें लगातार प्रमुखता से प्रकाशित की जा रही है, क्योंकि नदी के प्रदूषित पानी के चलते लोग कैंसर, चर्म रोग, खुजली आदि सहित अनेकों भयंकर बीमारी से लोग बीमार पड़ रहे हैं। बीमारियों के चलते अब तक क्षेत्र के दर्जनों लोगों की कैंसर के चलते मौत हो चुकी है। कई लोग प्रदूषित पानी का सेवन करने से दिव्यांग हो चुके हैं। तो सैकड़ों लोग अभी भी भयंकर बीमारियों से जूझ रहे हैं। बीमारियों से निजात दिलाएं जाने को लेकर लगातार लोग प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पीएम नरेंद्र मोदी को शिकायत कर रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नर मेरठ डॉ. प्रभात कुमार को जिम्मेदारी साैंपी है। एक सप्ताह पूर्व जहां कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित टीम रंछाड़ गांव पहुंची, वहीं शनिवार को एक बार फिर टीम ने रहतना, दादरी, रंछाड़, भगवानपुर, नांगल, थल, सरोरा, संतनगर, शाहपुर बाणगंगा, खपराना, मिलाना, झुंडपुर, बरनावा आदि सहित नदी के किनारे बसें गांवों में हेल्थ सेंटर बनने के लिए जमीन की तलाश की और लोगों से बातचीत की। टीम में शामिल रमन त्यागी ने बताया कि कमिश्नर के आदेश पर कृष्ण नदी के किनारे बसें पांच गंावों में रंछाड़, दादरी, रहतना, कंडेरा व बामनौली में जल्द ही निर्मल हिंडन कार्यक्रम के हेल्थ सेंटर खोले जाएगा, ताकि लोगों को नदी के पानी से फैलने वाली बीमारी से बचाया जा सके। टीम में इफ्को के एरिया चीफ मैनेजर डीपी सिंघल, रमन त्यागी, शुभम कौशिक व ग्रामीणों मेें रविंद्र हट्टी, ग्राम प्रधान भरतवीर, राजीव चौधरी, जरीफ कुरैशी, नीरज कश्यप आदि रहे।
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कृष्ण नदी के किनारे बसें गांवों में निर्मल हिंडन कार्यक्रम के तहत खोलने जाने वाले हेल्थ सेंटर की स्थापना को लेकर कवायद तेज हो गई। शनिवार की देर शाम कमिश्नर मेरठ के आदेश पर टीम क्षेत्र के कई गांव पहुंची और लोगों से जानकारी जुटाई।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला द्वारा कृष्ण नदी के किनारे बसे गांवों में फैली बीमारियों की खबरें लगातार प्रमुखता से प्रकाशित की जा रही है, क्योंकि नदी के प्रदूषित पानी के चलते लोग कैंसर, चर्म रोग, खुजली आदि सहित अनेकों भयंकर बीमारी से लोग बीमार पड़ रहे हैं। बीमारियों के चलते अब तक क्षेत्र के दर्जनों लोगों की कैंसर के चलते मौत हो चुकी है। कई लोग प्रदूषित पानी का सेवन करने से दिव्यांग हो चुके हैं। तो सैकड़ों लोग अभी भी भयंकर बीमारियों से जूझ रहे हैं। बीमारियों से निजात दिलाएं जाने को लेकर लगातार लोग प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पीएम नरेंद्र मोदी को शिकायत कर रहे हैं।
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मामले को गंभीरता से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमिश्नर मेरठ डॉ. प्रभात कुमार को जिम्मेदारी साैंपी है। एक सप्ताह पूर्व जहां कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित टीम रंछाड़ गांव पहुंची, वहीं शनिवार को एक बार फिर टीम ने रहतना, दादरी, रंछाड़, भगवानपुर, नांगल, थल, सरोरा, संतनगर, शाहपुर बाणगंगा, खपराना, मिलाना, झुंडपुर, बरनावा आदि सहित नदी के किनारे बसें गांवों में हेल्थ सेंटर बनने के लिए जमीन की तलाश की और लोगों से बातचीत की। टीम में शामिल रमन त्यागी ने बताया कि कमिश्नर के आदेश पर कृष्ण नदी के किनारे बसें पांच गंावों में रंछाड़, दादरी, रहतना, कंडेरा व बामनौली में जल्द ही निर्मल हिंडन कार्यक्रम के हेल्थ सेंटर खोले जाएगा, ताकि लोगों को नदी के पानी से फैलने वाली बीमारी से बचाया जा सके। टीम में इफ्को के एरिया चीफ मैनेजर डीपी सिंघल, रमन त्यागी, शुभम कौशिक व ग्रामीणों मेें रविंद्र हट्टी, ग्राम प्रधान भरतवीर, राजीव चौधरी, जरीफ कुरैशी, नीरज कश्यप आदि रहे।
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