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सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकगीतों का धमाल
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:58 AM IST
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बागपत। जिलेभर में हरियाली तीज का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया । महिलाओं ने लोकगीत गाकर पर्व का आनंद लिया।
शहर में श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार विकास समिति ने स्वर्णकार धर्मशाला में तीज पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें महिलाओं ने नृत्य किया। लोकगीतों का आयोजन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। बच्चों ने भी महिलाओं के साथ मस्ती की। इसमें यशोदा वर्मा, उषा वर्मा, सुनीता वर्मा, रिया, ईशा, अनिता, प्रमिला, लविका, राधिका, खुशी, रीना, मेघा वर्मा आदि मौजूद रहे।
अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित अग्रवाल महासंघ ने मेहंदी और तंबोला प्रतियोगिता कराई। इसमें महिलाओं ने हिस्सा लिया। विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें कौशल त्यागी, कुसुम मित्तल, शोभा जैन, रेणु जैन, मंजू गोयल, अनिता गोयल, सपना गुप्ता, बबीता, मंजू, मिथलेश, सुषमा, भावना, मुस्कान गर्ग, सुधा सिंघल, सुनीता, रमा, नीरज, सीमा सिंघल आदि रही। सभासद अशोक सिंघल ने कार्यक्रम का आयोजन किया।
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मुन्ना लाल एंक्लेंव में महिलाओं ने तीज का त्योहार मनाया। सावन के गीतों पर नृत्य किया। इसमें पुष्पा जैन, रुचि, नूपुर जैन, अलका जैन, बबीता, सुधा जैन, सरिता आदि रही। मेरठ रोड पर भी महिलाओं ने एकत्र होकर तीज का पर्व मनाया। इसमें ममता, राज रानी, मुन्नी, पारुल, रेणू, पिंकी, बबली, सुदेश, उमेश मौजूद रहे। ठाकुरद्वारा मोहल्ले में नेहा शर्मा, मंजू शर्मा, रेणू, अल्का, पूनम ने तीज का पर्व मनाया। गीतों पर जमकर नृत्य किया।
हरियाली तीज के दिन हुआ था शिव-पार्वती का मिलन
पंडित नीरज शास्त्री बताते हैं पंचांग के हिसाब से हरियाली तीज श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को धूमधाम से मनाई जाती है। कई क्षेत्रों में इसे श्रावणी तीज या छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का पुनर्मिलन हुआ था। यही वजह है कि इस दिन भोलनाथ और माता पार्वती का व्रत भी रखा जाता है। इस त्योहार के दिन पत्नी अपने पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। स्त्री के मायके से मिठाई और श्रृंगार का सामान अपने ससुराल भेजा जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनने से पुण्य लाभ मिलता है।
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शहर में श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार विकास समिति ने स्वर्णकार धर्मशाला में तीज पर कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें महिलाओं ने नृत्य किया। लोकगीतों का आयोजन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। बच्चों ने भी महिलाओं के साथ मस्ती की। इसमें यशोदा वर्मा, उषा वर्मा, सुनीता वर्मा, रिया, ईशा, अनिता, प्रमिला, लविका, राधिका, खुशी, रीना, मेघा वर्मा आदि मौजूद रहे।
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अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित अग्रवाल महासंघ ने मेहंदी और तंबोला प्रतियोगिता कराई। इसमें महिलाओं ने हिस्सा लिया। विजेताओं को सम्मानित किया। इसमें कौशल त्यागी, कुसुम मित्तल, शोभा जैन, रेणु जैन, मंजू गोयल, अनिता गोयल, सपना गुप्ता, बबीता, मंजू, मिथलेश, सुषमा, भावना, मुस्कान गर्ग, सुधा सिंघल, सुनीता, रमा, नीरज, सीमा सिंघल आदि रही। सभासद अशोक सिंघल ने कार्यक्रम का आयोजन किया।
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मुन्ना लाल एंक्लेंव में महिलाओं ने तीज का त्योहार मनाया। सावन के गीतों पर नृत्य किया। इसमें पुष्पा जैन, रुचि, नूपुर जैन, अलका जैन, बबीता, सुधा जैन, सरिता आदि रही। मेरठ रोड पर भी महिलाओं ने एकत्र होकर तीज का पर्व मनाया। इसमें ममता, राज रानी, मुन्नी, पारुल, रेणू, पिंकी, बबली, सुदेश, उमेश मौजूद रहे। ठाकुरद्वारा मोहल्ले में नेहा शर्मा, मंजू शर्मा, रेणू, अल्का, पूनम ने तीज का पर्व मनाया। गीतों पर जमकर नृत्य किया।
हरियाली तीज के दिन हुआ था शिव-पार्वती का मिलन
पंडित नीरज शास्त्री बताते हैं पंचांग के हिसाब से हरियाली तीज श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को धूमधाम से मनाई जाती है। कई क्षेत्रों में इसे श्रावणी तीज या छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का पुनर्मिलन हुआ था। यही वजह है कि इस दिन भोलनाथ और माता पार्वती का व्रत भी रखा जाता है। इस त्योहार के दिन पत्नी अपने पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है। स्त्री के मायके से मिठाई और श्रृंगार का सामान अपने ससुराल भेजा जाता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनने से पुण्य लाभ मिलता है।