{"_id":"59651f844f1c1b72658b4793","slug":"191499799428-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर प्रवेश पर जैन संतों का जोरदार स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर प्रवेश पर जैन संतों का जोरदार स्वागत
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर प्रवेश पर जैन संतों का स्वागत
बड़ौत (बागपत)। आचार्य सुंदर सागर महाराज के सह संघ नगर प्रवेश पर जैन अनुयायियों ने जैन संतों का स्वागत किया और उन्हें नगर के विभिन्न मार्गों से बैंडबाजों के साथ विहर्ष सभागार लाया गया।
आचार्य संघ 15 साधु और साध्वी का बड़ौत प्रवेश पर कुमार उद्योग दिल्ली रोड पर स्वागत किया और यहां से प्रवेश यात्रा शुरू होकर कोताना रोड, नेहरू मूर्ति, महावीर मार्ग होते हुए विहर्ष सभागार पहुंची। इस यात्रा में बैंड, नफीरी वादन, भजन मंडली आदि धार्मिक धुन बजाते चले। रास्ते में जगह-जगह जैन श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन और आरती कर भक्ति प्रदर्शन किया। विहर्ष जागृति मंच परिवार ने 31 थालों में आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया। कई जैन संस्थाओं ने प्रभावना वितरित की। विहर्ष सभागार में अजीत नाथ मंदिर कमेटी के नेतृत्व में जैन संस्थाओं ने आचार्य को चातुर्मास के लिए श्रीफल चढ़ाए । सभा का संचालन डॉ. श्रेयांस जैन ने किया।
धर्मसभा में आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा जिस स्थान पर धर्म की प्रभावना होती है, वहां सर्वत्र मंगल ही मंगल होता है। चातुर्मास के चार माह का समय धर्म की प्रभावना का होता है, क्योंकि इस चार माह के दौरान वर्षा का एक समय होता है। सूक्ष्म जीवों की रक्षा के लिए साधु एक स्थान पर चातुर्मास कर प्राणियों को धर्म संदेश देते हैं। 14 जुलाई को चातुर्मास स्थापना कार्यक्रम मनाया जाएगा। 16 जुलाई को आचार्य सुंदर सागर महाराज का दीक्षा गुरू दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसमें मदन लाल जैन, प्रमोद जैन, अशोक जैन, वरदान जैन, शशि जैन, सुनील जैन, अरिदमन जैन, आशीष जैन, संदीप जैन, मुकेश जैन, नीरज जैन, अतुल जैन, मनोज जैन, आनंद जैन, बाल किशन, अखिलेश, आदीश, राजेश, डॉ. आरके जैन, प्रवीन, सचिन आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)। आचार्य सुंदर सागर महाराज के सह संघ नगर प्रवेश पर जैन अनुयायियों ने जैन संतों का स्वागत किया और उन्हें नगर के विभिन्न मार्गों से बैंडबाजों के साथ विहर्ष सभागार लाया गया।
आचार्य संघ 15 साधु और साध्वी का बड़ौत प्रवेश पर कुमार उद्योग दिल्ली रोड पर स्वागत किया और यहां से प्रवेश यात्रा शुरू होकर कोताना रोड, नेहरू मूर्ति, महावीर मार्ग होते हुए विहर्ष सभागार पहुंची। इस यात्रा में बैंड, नफीरी वादन, भजन मंडली आदि धार्मिक धुन बजाते चले। रास्ते में जगह-जगह जैन श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन और आरती कर भक्ति प्रदर्शन किया। विहर्ष जागृति मंच परिवार ने 31 थालों में आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन किया। कई जैन संस्थाओं ने प्रभावना वितरित की। विहर्ष सभागार में अजीत नाथ मंदिर कमेटी के नेतृत्व में जैन संस्थाओं ने आचार्य को चातुर्मास के लिए श्रीफल चढ़ाए । सभा का संचालन डॉ. श्रेयांस जैन ने किया।
विज्ञापन
धर्मसभा में आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा जिस स्थान पर धर्म की प्रभावना होती है, वहां सर्वत्र मंगल ही मंगल होता है। चातुर्मास के चार माह का समय धर्म की प्रभावना का होता है, क्योंकि इस चार माह के दौरान वर्षा का एक समय होता है। सूक्ष्म जीवों की रक्षा के लिए साधु एक स्थान पर चातुर्मास कर प्राणियों को धर्म संदेश देते हैं। 14 जुलाई को चातुर्मास स्थापना कार्यक्रम मनाया जाएगा। 16 जुलाई को आचार्य सुंदर सागर महाराज का दीक्षा गुरू दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसमें मदन लाल जैन, प्रमोद जैन, अशोक जैन, वरदान जैन, शशि जैन, सुनील जैन, अरिदमन जैन, आशीष जैन, संदीप जैन, मुकेश जैन, नीरज जैन, अतुल जैन, मनोज जैन, आनंद जैन, बाल किशन, अखिलेश, आदीश, राजेश, डॉ. आरके जैन, प्रवीन, सचिन आदि रहे।
विज्ञापन