फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   19-year investigation and property found only in Tikri

19 साल की जांच और सिर्फ टीकरी में ही मिली संपत्ति

Sun, 27 Sep 2020 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 11:45 PM IST
विज्ञापन
19-year investigation and property found only in Tikri
19 साल की जांच और सिर्फ टीकरी में ही मिली संपत्ति
विज्ञापन

2001 से जेल में बंद सुनील राठी, रुड़की तक फैला रखा है अपराध का जाल
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सुनील राठी 19 साल से जेल में बंद है। इन 19 सालों में पुलिस की जांच केवल अवैध संपत्तियों तक ही पहुंची। जबकि आज भी सुनील राठी की दहशत रुड़की तक है। टीकरी के अलावा पुलिस-प्रशासन को उसकी दूसरी जगह अवैध संपत्ति नहीं मिली है।
तिहाड़ जेल में बंद सुनील राठी के पिता स्वर्गीय नरेश राठी नगर पंचायत टीकरी के चेयरमैन रहे थे। कस्बे की रंजिश में नरेश राठी की हत्या के बाद सुनील राठी ने जरायम की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद सुनील राठी ने उत्तराखंड में दबदबा बनाया। रुड़की जेल से रंगदारी मांगने के कई मामले सामने आए। प्रॉपर्टी को कब्जाने के मामले में राठी का नाम उछला और जांच चलती रही। दो साल पहले रुड़की के डॉ. एनडी अरोड़ा से रंगदारी मांगने में भी सुनील राठी और उसकी मां राजबाला चौधरी का नाम सामने आया था।
विज्ञापन

जिले में राठी की धमक बागपत जेल में आने के बाद शुरू हुई। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद राठी का गैंग और अधिक मजबूत हुआ। पहाड़ी इलाके से लेकर तिहाड़ जेल तक सुनील राठी के अपराध का जाल फैला है। दिल्ली के अलावा हरियाणा में भी गैंग के सदस्य सक्रिय हैं। लेकिन अब तक की पुलिस और प्रशासन की जांच में केवल टीकरी कस्बे में ही उसकी संपत्ति मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed