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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लक्ष्य 1500, आवेदन जीरो
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:52 AM IST
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- ईओ और बीडीओ को समाज कल्याण की ओर से शादिया कराने का दिया गया है लक्ष्य
बागपत। सूबे के मुख्यमंत्री की ओर से गरीब एवं निर्धन परिवार की लड़कियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की गई है। योजना के अंतर्गत एक शादी में 30 से 35 हजार रुपये का खर्च आता है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिले को शादियों कराने का लक्ष्य दिया गया है। बागपत जनपद को इस बार 1500 शादियां कराने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को दी गई है। समाज कल्याण विभाग ने नगर पंचायत, नगर पालिका और ब्लॉकों को शादी का लक्ष्य बांट दिया है। लेकिन चार-पांच माह बीतने के बावजूद अभी तक एक व्यक्ति ने इसके लिए आवेदन नहीं किया है। इसका कारण है प्रचार-प्रसार का अभाव। जिन्हें लक्ष्य दिया गया है उन्हें योजना में कोई दिलचस्पी नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि कई बार ईओ और बीडीओ को पत्र लिख चुके है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। उन्होंने अब वह इस संबंध में सीडीओ से मिलेंगे और एक अलग अंतिम बार भी पत्र जारी कराया जाएगा।
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नगर पंचायत-पालिका लक्ष्य
नपं/नपा लक्ष्य
बागपत पालिका 100
टटीरी पंचायत 50
सराय पंचायत 50
बड़ौत पालिका 120
छपरौली पंचायत 60
दोघट पंचायत 30
खेकड़ा पालिका 60
टीकरी पंचायत 30
कुल 500
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ब्लॉक को दिया लक्ष्य
ब्लॉक लक्ष्य
बागपत 160
बड़ौत 175
बिनौली 175
छपरौली 175
खेकड़ा 155
पिलाना 160
कुल 1000
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पूर्व में हुई 101 शादी में हो गई थी अव्यवस्था
बागपत। शहर एक मैरिज पैलेस में समाज कल्याण विभाग की ओर से जो 101 लड़कियों की सामूहिक रूप से शादियां कराई थी। इसमें कई ऐसे जोड़ों की शादी कराई गई थी जो पहले ही वैवाहिक बंधन में बंध चुके थे। इस बार गड़बड़ी से बचने के लिए ब्लॉक, नगर पालिका और नगर पंचायत को शादी की जिम्मेदारी दी गई है।
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पहले था 476 का लक्ष्य
बागपत। वर्ष 2017-18 में मुख्यमंत्री योजना संचालित की गई थी, जिसके तहत पूर्व में जिले को करीब 476 शादियां कराने का लक्ष्य दिया गया था। प्रदेशभर में योजना परवान चढ़ी तो इस बार प्रत्येक जिले का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है।
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बागपत। सूबे के मुख्यमंत्री की ओर से गरीब एवं निर्धन परिवार की लड़कियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की गई है। योजना के अंतर्गत एक शादी में 30 से 35 हजार रुपये का खर्च आता है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिले को शादियों कराने का लक्ष्य दिया गया है। बागपत जनपद को इस बार 1500 शादियां कराने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग को दी गई है। समाज कल्याण विभाग ने नगर पंचायत, नगर पालिका और ब्लॉकों को शादी का लक्ष्य बांट दिया है। लेकिन चार-पांच माह बीतने के बावजूद अभी तक एक व्यक्ति ने इसके लिए आवेदन नहीं किया है। इसका कारण है प्रचार-प्रसार का अभाव। जिन्हें लक्ष्य दिया गया है उन्हें योजना में कोई दिलचस्पी नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने बताया कि कई बार ईओ और बीडीओ को पत्र लिख चुके है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। उन्होंने अब वह इस संबंध में सीडीओ से मिलेंगे और एक अलग अंतिम बार भी पत्र जारी कराया जाएगा।
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नगर पंचायत-पालिका लक्ष्य
नपं/नपा लक्ष्य
बागपत पालिका 100
टटीरी पंचायत 50
सराय पंचायत 50
बड़ौत पालिका 120
छपरौली पंचायत 60
दोघट पंचायत 30
खेकड़ा पालिका 60
टीकरी पंचायत 30
कुल 500
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ब्लॉक को दिया लक्ष्य
ब्लॉक लक्ष्य
बागपत 160
बड़ौत 175
बिनौली 175
छपरौली 175
खेकड़ा 155
पिलाना 160
कुल 1000
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पूर्व में हुई 101 शादी में हो गई थी अव्यवस्था
बागपत। शहर एक मैरिज पैलेस में समाज कल्याण विभाग की ओर से जो 101 लड़कियों की सामूहिक रूप से शादियां कराई थी। इसमें कई ऐसे जोड़ों की शादी कराई गई थी जो पहले ही वैवाहिक बंधन में बंध चुके थे। इस बार गड़बड़ी से बचने के लिए ब्लॉक, नगर पालिका और नगर पंचायत को शादी की जिम्मेदारी दी गई है।
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पहले था 476 का लक्ष्य
बागपत। वर्ष 2017-18 में मुख्यमंत्री योजना संचालित की गई थी, जिसके तहत पूर्व में जिले को करीब 476 शादियां कराने का लक्ष्य दिया गया था। प्रदेशभर में योजना परवान चढ़ी तो इस बार प्रत्येक जिले का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है।
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