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बामनौली से पुलिस सुरक्षा में निकाले कांवडिय़ा
Updated Wed, 08 Aug 2018 12:46 AM IST
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बामनौली से पुलिस सुरक्षा में निकाले कांवड़िये
दोघट। पुलिस सुरक्षा में सरूरपुर कलां गांव के कांवड़ियों को बामनौली गांव से आगे निकाला गया। बामनौली गांव में सरूरपुर कलां गांव के कांवड़ियों के पहुंचते ही तनावपूर्ण स्थिति बन गई। काफी संख्या में लोग बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर पहुंचे। सरूरपुर कलां गांव के भी सैंकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। दोनों पक्षों में झगड़े की स्थिति बन गई, लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को संभाला।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे बामनौली व सरूरपुर कलां गांव के कांवड़ियों में रविवार शाम मुजफ्फरनगर में पहुंचते ही मामूली कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी, जिसमें कई कांवड़िये घायल हो गए थे। बामनौली के कांवड़ियों ने उन्हें गांव में पहुंचने पर सबक सिखाने की धमकी दी थी। सरूरपुर कलां के कांवड़ियों ने गांव में फोन कर जानकारी दी। सोमवार को गांव के लोग एसडीएम बड़ौत से मिले और सरूरपुर कलां के कांवड़ियों को सुरक्षित बामनौली गांव से निकालने को कहा। मंगलवार को सरूरपुर कलां के कांवड़िये दाहा गांव पहुंचे। सरूरपुर के सैंकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर कांवड़ियों की सुरक्षा करने पहुंच गए। दोघट एसओ चितवन कुमार भी पुलिस फोर्स के साथ कांवड़ियों की सुरक्षा में तैनात थे। दाहा से पुलिस व ग्रामीणों की सुरक्षा में कांवड़िये आगे बढ़े। बामनौली गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। मारपीट की नौबत तक आ गई। बामनौली के ग्रामीणों का कहना था कि वे कांवड़ियों को कुछ नहीं करने वाले थे, लेकिन सरूरपुर के सैंकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर यहां तक कैसे पहुंचे। पुलिस से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला गरमाता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा और कांवड़ियों को सुरक्षित सीमा तक पहुंचाया। एसओ चितवन कुमार ने बताया कि सरूरपुर के कांवड़ियों को सीमा तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया। बामनौली में कुछ लोगों ने हल्का हंगामा किया था। उन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया।
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दोघट। पुलिस सुरक्षा में सरूरपुर कलां गांव के कांवड़ियों को बामनौली गांव से आगे निकाला गया। बामनौली गांव में सरूरपुर कलां गांव के कांवड़ियों के पहुंचते ही तनावपूर्ण स्थिति बन गई। काफी संख्या में लोग बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग पर पहुंचे। सरूरपुर कलां गांव के भी सैंकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। दोनों पक्षों में झगड़े की स्थिति बन गई, लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को संभाला।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे बामनौली व सरूरपुर कलां गांव के कांवड़ियों में रविवार शाम मुजफ्फरनगर में पहुंचते ही मामूली कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी, जिसमें कई कांवड़िये घायल हो गए थे। बामनौली के कांवड़ियों ने उन्हें गांव में पहुंचने पर सबक सिखाने की धमकी दी थी। सरूरपुर कलां के कांवड़ियों ने गांव में फोन कर जानकारी दी। सोमवार को गांव के लोग एसडीएम बड़ौत से मिले और सरूरपुर कलां के कांवड़ियों को सुरक्षित बामनौली गांव से निकालने को कहा। मंगलवार को सरूरपुर कलां के कांवड़िये दाहा गांव पहुंचे। सरूरपुर के सैंकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर कांवड़ियों की सुरक्षा करने पहुंच गए। दोघट एसओ चितवन कुमार भी पुलिस फोर्स के साथ कांवड़ियों की सुरक्षा में तैनात थे। दाहा से पुलिस व ग्रामीणों की सुरक्षा में कांवड़िये आगे बढ़े। बामनौली गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। मारपीट की नौबत तक आ गई। बामनौली के ग्रामीणों का कहना था कि वे कांवड़ियों को कुछ नहीं करने वाले थे, लेकिन सरूरपुर के सैंकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर यहां तक कैसे पहुंचे। पुलिस से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला गरमाता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा और कांवड़ियों को सुरक्षित सीमा तक पहुंचाया। एसओ चितवन कुमार ने बताया कि सरूरपुर के कांवड़ियों को सीमा तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया। बामनौली में कुछ लोगों ने हल्का हंगामा किया था। उन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया।
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