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खेत में गंदा पानी भरा देख दुखी है दाताराम किसान, आत्महत्या को मजबूर
Updated Tue, 24 Apr 2018 12:37 AM IST
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चांदीनगर (बागपत)। चमरावल गांव का एक बेबस किसान अपने 11 बीघा खेत से पानी निकालवाने की आस लगाए बैठा है। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। खेत में जाने से खुद पानी रोका तो परिवार के पांच लोगों को पुलिस से पकड़वा दिया। जमानत पर छूटे हैं।
दाताराम ने बताया कि गांव से बाहर उसके 11 बीघा जमीन है। इसमें अब फसल नहीं होती है। इसकी वजह है उसके खेत में भरा गांव का गंदा पानी। पांच वर्ष पूर्व उसके खेत में गांव गा गंदा पानी खेल दिया था। इसका विरोध करने पर परिवार को धमकी दी जाने लगी। तब से अब तक डीएम से लेकर मंडल के अधिकारियों से खेत में पानी निकलवाने के लिए मांग कर चुके हैं। कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। खेत में पानी जाने से रोकने पर गांव के लोग जनप्रतिनिधि के साथ मिलकर परिवार के पांच लोगों को जेल भिजवा देते हैं। इसके बाद सभी जमानत पर छूटे। किसान ने बताया कि 11 बीघा जमीन होने के बावजूद अब उसका परिवार दूसरे किसानों की गेहूं की फसल काटने को मजबूर है। उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। दाताराम ने कहा प्रशासन ने जल निकासी का रास्ता नहीं निकाला तो वह कलक्ट्रेट में आत्महत्या करने को मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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दाताराम ने बताया कि गांव से बाहर उसके 11 बीघा जमीन है। इसमें अब फसल नहीं होती है। इसकी वजह है उसके खेत में भरा गांव का गंदा पानी। पांच वर्ष पूर्व उसके खेत में गांव गा गंदा पानी खेल दिया था। इसका विरोध करने पर परिवार को धमकी दी जाने लगी। तब से अब तक डीएम से लेकर मंडल के अधिकारियों से खेत में पानी निकलवाने के लिए मांग कर चुके हैं। कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। खेत में पानी जाने से रोकने पर गांव के लोग जनप्रतिनिधि के साथ मिलकर परिवार के पांच लोगों को जेल भिजवा देते हैं। इसके बाद सभी जमानत पर छूटे। किसान ने बताया कि 11 बीघा जमीन होने के बावजूद अब उसका परिवार दूसरे किसानों की गेहूं की फसल काटने को मजबूर है। उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। दाताराम ने कहा प्रशासन ने जल निकासी का रास्ता नहीं निकाला तो वह कलक्ट्रेट में आत्महत्या करने को मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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