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खनन पर मुख्य सचिव, डीएम और एसपी को कानूनी नोटिस
Updated Thu, 08 Mar 2018 01:36 AM IST
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बागपत। हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए खनन पर यमुना तट किसान मंच के अधिवक्ता ने प्रदेश के मुख्य सचिव, डीएम एवं एसपी बागपत और कोतवाली प्रभारी को कानूनी नोटिस भेजा है। रोक के बावजूद खनन को हाईकोर्ट की अवमानना का मामला बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मुजाहिद अहमद ने बताया कि बागपत में अवैध खनन को लेकर यमुना तट किसान मंच के ज्वाइंट सेक्रेटरी कायम अली ने 28 अप्रैल 2012 को याचिका दाखिल की । खनन से जिले में होने वाले नुकसान का हवाला दिया । यमुना किनारे बसे गांवों के हितों को देखकर खनन पर रोक लगाने की मांग की। तर्क दिया यूपी और हरियाणा का सही सीमांकन तक नहीं किया। याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने अवैध खनन पर सात अप्रैल 2017 को रोक लगा दी । अधिवक्ता का कहना है कि हाईकोर्ट के इसी आदेश का हवाला देकर वर्तमान में खनन रोकने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव के अलावा बागपत के डीएम एवं एसपी और कोतवाली प्रभारी को कानूनी नोटिस भेजा है। कायम अली का कहना है कि अधिवक्ता के माध्यम से वह हाईकोर्ट को मामले से अवगत कराएंगे। यह मामला पूरी तरह हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का है। हाईकोर्ट को यह बताया जाएगा कि खनन से किस गांव में क्या नुकसान होगा।
पांच जगह खनन के लिए शासन की अनुमति
बागपत। खनन के पट्टों पर जिले में पांच जगह स्वीकृति मिली। ई-टेडरिंग की प्रक्रिया के शासन के नियमों के अनुसार सुभानपुर, छपरौली और गौरीपुर में खनन की अनुमति दे दी । इसके अलावा बदरखा और सांकरौद में भी पट्टा स्वीकृत हुआ है।
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खनन ठेकेदार और ग्रामीणों में समझौता
बागपत। निवाड़ा पुलिस चौकी के पास यमुना खादर में रेत खनन को लेकर हुए बवाल के मामले में खनन ठेकेदार व ग्रामीणों के बीच समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने एसपी को शपथ पत्र दिए। इस मौके पर खनन ठेकेदार ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह, रजनीश मलिक एवं निवाड़ा गांव के ग्रामीण चौधरी अकबर अली, अंजुम राना, चौधरी जमील, चौधरी तोहसीन, चौधरी निसार, सरवर प्रधान, अखलाक, नौशाद आदि उपस्थित रहे।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मुजाहिद अहमद ने बताया कि बागपत में अवैध खनन को लेकर यमुना तट किसान मंच के ज्वाइंट सेक्रेटरी कायम अली ने 28 अप्रैल 2012 को याचिका दाखिल की । खनन से जिले में होने वाले नुकसान का हवाला दिया । यमुना किनारे बसे गांवों के हितों को देखकर खनन पर रोक लगाने की मांग की। तर्क दिया यूपी और हरियाणा का सही सीमांकन तक नहीं किया। याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने अवैध खनन पर सात अप्रैल 2017 को रोक लगा दी । अधिवक्ता का कहना है कि हाईकोर्ट के इसी आदेश का हवाला देकर वर्तमान में खनन रोकने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव के अलावा बागपत के डीएम एवं एसपी और कोतवाली प्रभारी को कानूनी नोटिस भेजा है। कायम अली का कहना है कि अधिवक्ता के माध्यम से वह हाईकोर्ट को मामले से अवगत कराएंगे। यह मामला पूरी तरह हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का है। हाईकोर्ट को यह बताया जाएगा कि खनन से किस गांव में क्या नुकसान होगा।
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पांच जगह खनन के लिए शासन की अनुमति
बागपत। खनन के पट्टों पर जिले में पांच जगह स्वीकृति मिली। ई-टेडरिंग की प्रक्रिया के शासन के नियमों के अनुसार सुभानपुर, छपरौली और गौरीपुर में खनन की अनुमति दे दी । इसके अलावा बदरखा और सांकरौद में भी पट्टा स्वीकृत हुआ है।
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खनन ठेकेदार और ग्रामीणों में समझौता
बागपत। निवाड़ा पुलिस चौकी के पास यमुना खादर में रेत खनन को लेकर हुए बवाल के मामले में खनन ठेकेदार व ग्रामीणों के बीच समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने एसपी को शपथ पत्र दिए। इस मौके पर खनन ठेकेदार ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह, रजनीश मलिक एवं निवाड़ा गांव के ग्रामीण चौधरी अकबर अली, अंजुम राना, चौधरी जमील, चौधरी तोहसीन, चौधरी निसार, सरवर प्रधान, अखलाक, नौशाद आदि उपस्थित रहे।