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सूरज हत्याकांड : दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:53 PM IST
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सूरज हत्याकांड : दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास
बागपत। छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव में छह साल पहले पुरानी रंजिश के चलते युवक सूरज की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जिला जज उपेंद्र कुमार ने फैसला सुनाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार एवं वादी के अधिवक्ता सतेंद्र कुमार ने बताया कि 25 मई 2012 को बदरखा गांव में सूरज पुत्र राजेंद्र सिंह की धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई थी। सूरज के भाई संजीव ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की विवेचना में अर्जुन पुत्र ओमपाल, अनुज पुत्र निर्मल निवासी बदरखा और सचिन पुत्र फूल सिंह निवासी बाबरी शामली के नाम सामने आए थे। इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया था। आरोपी अनुज को किशोर होने के कारण उसका मुकदमा किशोर न्यायालय में भेज दिया गया। अभियुक्त अर्जुन और सचिन पर मामले की सुनवाई जिला न्यायालय बागपत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। सोमवार को जिला जज उपेंद्र कुमार ने अभियुक्त अर्जुन और सचिन को हत्या का दोषी मानते हुए आजीव कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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बागपत। छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव में छह साल पहले पुरानी रंजिश के चलते युवक सूरज की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जिला जज उपेंद्र कुमार ने फैसला सुनाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार एवं वादी के अधिवक्ता सतेंद्र कुमार ने बताया कि 25 मई 2012 को बदरखा गांव में सूरज पुत्र राजेंद्र सिंह की धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई थी। सूरज के भाई संजीव ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की विवेचना में अर्जुन पुत्र ओमपाल, अनुज पुत्र निर्मल निवासी बदरखा और सचिन पुत्र फूल सिंह निवासी बाबरी शामली के नाम सामने आए थे। इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया था। आरोपी अनुज को किशोर होने के कारण उसका मुकदमा किशोर न्यायालय में भेज दिया गया। अभियुक्त अर्जुन और सचिन पर मामले की सुनवाई जिला न्यायालय बागपत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। सोमवार को जिला जज उपेंद्र कुमार ने अभियुक्त अर्जुन और सचिन को हत्या का दोषी मानते हुए आजीव कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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