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आधा-अधूरा कोर्स, कैसे देंगे परीक्षा?
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:22 AM IST
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बागपत। यूपी बोर्ड की परीक्षा छह फरवरी से आरंभ होगी। परीक्षा समय से पहले जरूर कराई जा रही है, लेकिन कोर्स अधिकतर स्कूलों में अधूरा पड़ा हुआ है। प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू होने के कारण अब कोर्स पूरा होने की संभावनाएं भी कम ही रह गई है। बोर्ड परीक्षार्थी और अभिभावक अधूरे कोर्स के कारण तनाव में है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार नियम बदल दिए गए हैं। लेकिन इससे छात्र-छात्राओं को ज्यादा फायदा होता नजर नहीं आ रहा। असल में परीक्षाएं तो छह फरवरी से घोषित कर दी गई, लेकिन पाठ्यक्रम अभी तक पूरा नहीं पढ़ाया गया है। प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो जाने से इन दिनों बोर्ड परीक्षार्थी इनकी तैयारी में जुटे हैं, इससे जाहिर है कि अब परीक्षा की तैयारी में उन्हें ज्यादा समय मिलने वाला नहीं है। पुराना कस्बा निवासी सत्येंद्र कुमार, वीरपाल, इंद्रपाल सिंह का कहना है कि अधूरे कोर्स के कारण इसका असर नतीजों पर पड़ेगा। डीआईओएस पीके मिश्रा कहते हैं कि समय प्रबंधन कराकर कोर्स पूरा कराने का काम किया जाएगा।
स्कूल में नहीं घर पर पढ़ लो ट्यूशन
बागपत। कई जगह ऐसे भी मामले हैं, जहां स्कूल में कोर्स पूरा नहीं है। लेकिन शिक्षक बच्चों को ट्यूशन में पाठ्यक्रम पूरा करा रहे हैं। कुछ बच्चों ने बताया कि उन्हें ट्यूशन में कोर्स कराया गया, जबकि स्कूल में पाठ्यक्रम अधूरा है।
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जीआईसी के शिक्षकों को दिए काम
बागपत। एक तरफ परीक्षाएं नजदीक हैं, दूसरी तरफ जीआईसी के शिक्षकों को कई अतिरिक्त गतिविधियों का जिम्मा दिया गया है। परीक्षा केंद्रों का सत्यापन जीआईसी के शिक्षकों को 15 जनवरी तक करना होगा। इसके अलावा यूपी दिवस की तैयारियां चल रही है। मतदाता सूची के अलावा छात्रवृत्ति के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इस कारण इन स्कूलों में भी कोर्स पूरा होने की संभावना नहीं है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार नियम बदल दिए गए हैं। लेकिन इससे छात्र-छात्राओं को ज्यादा फायदा होता नजर नहीं आ रहा। असल में परीक्षाएं तो छह फरवरी से घोषित कर दी गई, लेकिन पाठ्यक्रम अभी तक पूरा नहीं पढ़ाया गया है। प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो जाने से इन दिनों बोर्ड परीक्षार्थी इनकी तैयारी में जुटे हैं, इससे जाहिर है कि अब परीक्षा की तैयारी में उन्हें ज्यादा समय मिलने वाला नहीं है। पुराना कस्बा निवासी सत्येंद्र कुमार, वीरपाल, इंद्रपाल सिंह का कहना है कि अधूरे कोर्स के कारण इसका असर नतीजों पर पड़ेगा। डीआईओएस पीके मिश्रा कहते हैं कि समय प्रबंधन कराकर कोर्स पूरा कराने का काम किया जाएगा।
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स्कूल में नहीं घर पर पढ़ लो ट्यूशन
बागपत। कई जगह ऐसे भी मामले हैं, जहां स्कूल में कोर्स पूरा नहीं है। लेकिन शिक्षक बच्चों को ट्यूशन में पाठ्यक्रम पूरा करा रहे हैं। कुछ बच्चों ने बताया कि उन्हें ट्यूशन में कोर्स कराया गया, जबकि स्कूल में पाठ्यक्रम अधूरा है।
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जीआईसी के शिक्षकों को दिए काम
बागपत। एक तरफ परीक्षाएं नजदीक हैं, दूसरी तरफ जीआईसी के शिक्षकों को कई अतिरिक्त गतिविधियों का जिम्मा दिया गया है। परीक्षा केंद्रों का सत्यापन जीआईसी के शिक्षकों को 15 जनवरी तक करना होगा। इसके अलावा यूपी दिवस की तैयारियां चल रही है। मतदाता सूची के अलावा छात्रवृत्ति के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इस कारण इन स्कूलों में भी कोर्स पूरा होने की संभावना नहीं है।