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सिंबल से तौबा करने वालों को मिली कुर्सी
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:06 AM IST
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बागपत। निकाय चुनाव की सियासत के परिणाम में कई रंग देखने को मिले। राजनीतिक दलों से जुड़ाव के बाद भी कई प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्होंने सिंबल लेने से परहेज किया। निर्दलीय चुनाव लड़े और उन्होंने जीत हासिल की। जीत के बाद अब राजनीतिक दलों ने इन निर्दलीय चेयरमैनों को अपने-अपने खेमें में गिनाने की जुगत लगानी शुरू कर दी है।
बागपत के तीसरी बार चेयरमैन बनें राजूद्दीन एडवोकेट समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार भी रहे। सपा ने सिंबल पर चुनाव लड़ा, लेकिन राजूद्दीन ने सियासी चाल चलते सिंबल से दूरी बनाई, जबकि सपा की उम्मीदवार बबली देवी की जमानत जब्त हो गई। छपरौली नगर पंचायत के चेयरमैन बने संजीव खोखर ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ज्वाइन की। वह टिकट के भी दावेदार थे, लेकिन भाजपा से उन्होंने टिकट नहीं लिया और वह भी चेयरमैन बन गए। अमीनगर सराय के चेयरमैन डॉ. मांगेराम यादव रालोद से जुड़े हैं। निकाय चुनाव में उन्होंने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा और जीत हासिल की। टीकरी के चेयरमैन बने सोमपाल राठी रालोद के नेता हैं, लेकिन चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ा और वह भी जीत गए। सभासद के भी ऐसे कई उम्मीदवार रहे, जिन्होंने बगैर सिंबल ही चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
कई चेयरमैन बदल सकते हैं पाला
बागपत। निकाय चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव का गणित फलाने का काम शुरू होगा। नये समीकरणों में कई चेयरमैन भविष्य की राजनीति को लेकर पाला बदल कर सकते हैं। इसके लिए बाकायदा चुनाव से पहले ही फील्डिंग लगाई गई थी, अब सिर्फ नतीजे आने बाकी हैं।
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बागपत के तीसरी बार चेयरमैन बनें राजूद्दीन एडवोकेट समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार भी रहे। सपा ने सिंबल पर चुनाव लड़ा, लेकिन राजूद्दीन ने सियासी चाल चलते सिंबल से दूरी बनाई, जबकि सपा की उम्मीदवार बबली देवी की जमानत जब्त हो गई। छपरौली नगर पंचायत के चेयरमैन बने संजीव खोखर ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ज्वाइन की। वह टिकट के भी दावेदार थे, लेकिन भाजपा से उन्होंने टिकट नहीं लिया और वह भी चेयरमैन बन गए। अमीनगर सराय के चेयरमैन डॉ. मांगेराम यादव रालोद से जुड़े हैं। निकाय चुनाव में उन्होंने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा और जीत हासिल की। टीकरी के चेयरमैन बने सोमपाल राठी रालोद के नेता हैं, लेकिन चुनाव सिंबल पर नहीं लड़ा और वह भी जीत गए। सभासद के भी ऐसे कई उम्मीदवार रहे, जिन्होंने बगैर सिंबल ही चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
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कई चेयरमैन बदल सकते हैं पाला
बागपत। निकाय चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव का गणित फलाने का काम शुरू होगा। नये समीकरणों में कई चेयरमैन भविष्य की राजनीति को लेकर पाला बदल कर सकते हैं। इसके लिए बाकायदा चुनाव से पहले ही फील्डिंग लगाई गई थी, अब सिर्फ नतीजे आने बाकी हैं।
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