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खुले में शौच कर रही कोताना गांव की महिलाएं
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:26 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
शौचालय निर्माण और विकास कार्य न होने के विरोध में सोमवार को कोताना गांव की महिलाओं और पुरुषों ने ब्लाक कार्यालय में प्रदर्शन किया। उनकी ब्लाक कर्मचारियों के साथ झड़प हुई। हालांकि बाद में महिलाएं समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी देकर लौट गई।
ग्रामीणों ने कहा उनके गांव खंड विकास मुख्यालय बड़ौत के अंतर्गत पड़ता है। गांव में न तो विकास कार्य हो रहे हैं और न ही शौचालय निर्माण। शौचालय निर्माण न होने के कारण गांव की महिलाओं, युवतियों को खुले मेें शौच जाना पड़ रहा है। खुले मेें शौच जाने के वक्त युवतियों से छेड़छाड़ का डर सताता रहता है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा गांव मेें अपात्र लोगों के यहां पर शौचालय निर्माण कराकर घोटाला किया जा रहा है, लेकिन शिकायत के बाद भी न तो जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही ब्लाक अधिकारी। इस दौरान उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में लोग समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी देकर लौट गए। इनमें बबीता, शीतला, हरवीरी, नीलम, राजकुमारी, बिमला, शांति, रूबी, रवि, संगीता, राजेश, पूनम, आरती, मोनू, सोनम आदि रहे। दूसरी तरफ बीडीओ प्रेमचंद का कहना था कि शिकायत मिली, इसेे दिखवाया जा रहा है। ग्राम सचिव प्रिंस जैन ने बताया कि अधिकांश शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया।
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शौचालय निर्माण और विकास कार्य न होने के विरोध में सोमवार को कोताना गांव की महिलाओं और पुरुषों ने ब्लाक कार्यालय में प्रदर्शन किया। उनकी ब्लाक कर्मचारियों के साथ झड़प हुई। हालांकि बाद में महिलाएं समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी देकर लौट गई।
ग्रामीणों ने कहा उनके गांव खंड विकास मुख्यालय बड़ौत के अंतर्गत पड़ता है। गांव में न तो विकास कार्य हो रहे हैं और न ही शौचालय निर्माण। शौचालय निर्माण न होने के कारण गांव की महिलाओं, युवतियों को खुले मेें शौच जाना पड़ रहा है। खुले मेें शौच जाने के वक्त युवतियों से छेड़छाड़ का डर सताता रहता है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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उन्होंने कहा गांव मेें अपात्र लोगों के यहां पर शौचालय निर्माण कराकर घोटाला किया जा रहा है, लेकिन शिकायत के बाद भी न तो जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही ब्लाक अधिकारी। इस दौरान उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में लोग समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी देकर लौट गए। इनमें बबीता, शीतला, हरवीरी, नीलम, राजकुमारी, बिमला, शांति, रूबी, रवि, संगीता, राजेश, पूनम, आरती, मोनू, सोनम आदि रहे। दूसरी तरफ बीडीओ प्रेमचंद का कहना था कि शिकायत मिली, इसेे दिखवाया जा रहा है। ग्राम सचिव प्रिंस जैन ने बताया कि अधिकांश शौचालय का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया।
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