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श्रीकृष्ण ईश्वर के अवतार- अरूण मुनि
Updated Tue, 15 Aug 2017 01:12 AM IST
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श्रीकृष्ण ईश्वर के अवतार - अरुण मुनि
बड़ौत (बागपत)।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा श्रीकृष्ण ईश्वर के अवतार है और जैन धर्म के संरक्षक थे।
जैन स्थानक शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा श्रीकृष्ण ने अपने जीवनकाल में तीर्थंकर गौत्र का बंध किया हुआ है। आने वाले समय में श्रीकृष्ण जैन धर्म में तीर्थंकर बनेंगे। उन्होंने कहा श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कहा था कि जब-जब धर्म की ग्लानि होती है, तब-तब मै धरती पर आता हूं और अधर्म का विनाश कर एक सत्य धर्म की स्थापना करता हूं। श्रीकृष्ण वैदिक धर्म के अवतार थे। इसी प्रकार भगवान महावीर श्रमण संस्कृति के अवतार थे। शास्त्रों में बताया श्रीकृष्ण भगवान व महावीर स्वामी में निकट का रिश्ता था। श्रीकृष्ण जीव दया प्रेमी थे। गऊ रक्षा करना सभी का धर्म होता है। उन्होंने कहा आज गली-गली में दुशासन पैदा हो गया है। इससे पूर्व धर्मसभा को अमन मुनि ने कहा श्रीेकृष्ण भगवान सेवा भावी, सेवा प्रेमी थे।
हर ग्रंथ में धर्म की जानकारी मिलती है - सुंदर सागर
बड़ौत। सुंदर सागर महाराज ने कहा समस्त समुदायों के पास कोई न कोई ऐसा ग्रंथ है। जिससे धर्म की जानकारी मिलती है। मुसलमानों का ग्रंथ कुरान है। उस कुरान को पढ़ने से उनके धर्म की जानकारी मिलती है। मंगलाचरण अमित राय जैन ने किया। छुल्लिका सौम्य मति माताजी ने श्रावकों को धर्म कार्य की प्रेरणा दी। सायंकाल गुरू भक्ति में प्रश्न मंच का आयोजन हुआ। सभा में मदन लाल जैन, प्रमोद, अशोक, विकास, अमित, अनिल, त्रिशला, सुनील, इंद्राणी आदि रहे।
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बड़ौत (बागपत)।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा श्रीकृष्ण ईश्वर के अवतार है और जैन धर्म के संरक्षक थे।
जैन स्थानक शहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा श्रीकृष्ण ने अपने जीवनकाल में तीर्थंकर गौत्र का बंध किया हुआ है। आने वाले समय में श्रीकृष्ण जैन धर्म में तीर्थंकर बनेंगे। उन्होंने कहा श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कहा था कि जब-जब धर्म की ग्लानि होती है, तब-तब मै धरती पर आता हूं और अधर्म का विनाश कर एक सत्य धर्म की स्थापना करता हूं। श्रीकृष्ण वैदिक धर्म के अवतार थे। इसी प्रकार भगवान महावीर श्रमण संस्कृति के अवतार थे। शास्त्रों में बताया श्रीकृष्ण भगवान व महावीर स्वामी में निकट का रिश्ता था। श्रीकृष्ण जीव दया प्रेमी थे। गऊ रक्षा करना सभी का धर्म होता है। उन्होंने कहा आज गली-गली में दुशासन पैदा हो गया है। इससे पूर्व धर्मसभा को अमन मुनि ने कहा श्रीेकृष्ण भगवान सेवा भावी, सेवा प्रेमी थे।
हर ग्रंथ में धर्म की जानकारी मिलती है - सुंदर सागर
बड़ौत। सुंदर सागर महाराज ने कहा समस्त समुदायों के पास कोई न कोई ऐसा ग्रंथ है। जिससे धर्म की जानकारी मिलती है। मुसलमानों का ग्रंथ कुरान है। उस कुरान को पढ़ने से उनके धर्म की जानकारी मिलती है। मंगलाचरण अमित राय जैन ने किया। छुल्लिका सौम्य मति माताजी ने श्रावकों को धर्म कार्य की प्रेरणा दी। सायंकाल गुरू भक्ति में प्रश्न मंच का आयोजन हुआ। सभा में मदन लाल जैन, प्रमोद, अशोक, विकास, अमित, अनिल, त्रिशला, सुनील, इंद्राणी आदि रहे।
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