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सफाई कर्मचारियों को योग्यता के अनुसार बनाए लिपिक : मंजू दिलेर
Updated Sun, 16 Sep 2018 01:32 AM IST
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बागपत। विकास भवन सभागार में सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर कहा कि केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं गरीब तक अवश्य पहुंचनी चाहिए। सफाई कर्मचारी किसी भी योजना से वंचित न रहे। मानव का मल मानव द्वारा ढोना एक अमानवीय कृत है।
शनिवार को विकास भवन सभागार में सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने कहा कि मानव मल मानव द्वारा ढोना जैसी कुप्रथा को मैनुअल स्नकैवेंजर्स एक्ट 2013 में लागू कर प्रतिबंधित किया। अभी भारतवर्ष के 12 राज्यों में यह कुप्रथा चल रही। इसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। उत्तर प्रदेश के 47 जनपदों में भी मानव मल उठाने की कुप्रथा चल रही है। इसे खत्म करने के लिए स्वच्छ कार मुक्ति योजना शुरू की। इसमें ऐसे सभी लोगों को जोड़कर योजना अंतर्गत 40 हजार का आर्थिक अनुदान प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है। बिना भेदभाव के समाज के दबे कुचले वर्ग के लोगों को हक देने के लिए कार्य करें। सर्वे कराकर मानव मल ढोने की जो लोग लगे हैं उनको प्राथमिकता पर स्वच्छकार मुक्ती योजना से लाभान्वित करेंगे। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर लोगों को चिन्हित किया जाएगा।
उन्होंने कहा नियुक्त सफाई कर्मियों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर लिपिक आदि पदों पर पदोन्नति कराने, साप्ताहिक अवकाश, सफाई कर्मियों को सेफ्टी किट, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मलिन व दलित बस्तियों में छूटे लोगों का पंजीकरण कराने, समान काम समान बेज दिलाने, मृतक आश्रित को चिकित्सा क्षतिपूर्ति बिल भुगतान कराने आदेशित किया। इसमें सीडीओ पीसी जायसवाल एडीएम अनिल कुमार मिश्रा, समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका, डीपीआरओ आलोक शर्मा, एलडीएम प्रदीप, अधिशासी अधिकारी खेकड़ा, बागपत आदि अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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शनिवार को विकास भवन सभागार में सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने कहा कि मानव मल मानव द्वारा ढोना जैसी कुप्रथा को मैनुअल स्नकैवेंजर्स एक्ट 2013 में लागू कर प्रतिबंधित किया। अभी भारतवर्ष के 12 राज्यों में यह कुप्रथा चल रही। इसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है। उत्तर प्रदेश के 47 जनपदों में भी मानव मल उठाने की कुप्रथा चल रही है। इसे खत्म करने के लिए स्वच्छ कार मुक्ति योजना शुरू की। इसमें ऐसे सभी लोगों को जोड़कर योजना अंतर्गत 40 हजार का आर्थिक अनुदान प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना है। बिना भेदभाव के समाज के दबे कुचले वर्ग के लोगों को हक देने के लिए कार्य करें। सर्वे कराकर मानव मल ढोने की जो लोग लगे हैं उनको प्राथमिकता पर स्वच्छकार मुक्ती योजना से लाभान्वित करेंगे। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर लोगों को चिन्हित किया जाएगा।
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उन्होंने कहा नियुक्त सफाई कर्मियों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर लिपिक आदि पदों पर पदोन्नति कराने, साप्ताहिक अवकाश, सफाई कर्मियों को सेफ्टी किट, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मलिन व दलित बस्तियों में छूटे लोगों का पंजीकरण कराने, समान काम समान बेज दिलाने, मृतक आश्रित को चिकित्सा क्षतिपूर्ति बिल भुगतान कराने आदेशित किया। इसमें सीडीओ पीसी जायसवाल एडीएम अनिल कुमार मिश्रा, समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका, डीपीआरओ आलोक शर्मा, एलडीएम प्रदीप, अधिशासी अधिकारी खेकड़ा, बागपत आदि अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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