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बाल संरक्षण की टीम ने पकड़ा पेट्रोल सूंघने वाला मंदबुद्धि बच्चा
Updated Wed, 20 Jun 2018 01:40 AM IST
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बागपत। शहर निवासी नग्न अवस्था में घूमने वाले सात-आठ वर्षीय बच्चे का न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी ने संज्ञान लिया। सुगमकर्ताओं ने बच्चे को खोजकर परिजनों को सख्त हिदायत देकर उनके साथ भेजा।
सीडब्ल्यूसी को वकीलों ने बताया कि बागपत के बाजार और तहसील परिसर के आसपास एक मंदबुद्धि लावारिस बालक नग्न अवस्था में भटकता रहता है। जो बाइकों से पेट्रोल की गंद लेने का आदी है। पाइप हटाकर पेट्रोल पीता है। पाइप न हटते बाइकों को गिराकर क्षतिग्रस्त कर देता है। कोई पकड़ता है तो उस पर हमला कर देता है। शिकायत मिलते ही न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव यादव, मालती शर्मा ने संरक्षण अधिकारी को इस बालक को सीडब्ल्यूसी के सामने प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंगलवार को 181 महिला हैल्प लाइन की सुगमकर्ता रश्मि और रीता यादव टीम लेकर उस बालक को खोजने निकली और शहर के बाजार से पकड़कर सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया। पता चलने पर बालक के परिजन भी कोर्ट में पहुंचे। बालक पर अपना दावा पेश किया। न्यायपीठ ने सभी आवश्यक कागजात व शपथपत्र का अवलोकन किया। परिजनों को ठीक से न पालने पर परिजनों को नसीहत दी। परिजनों ने बताया कि उनके नौ बच्चे हैं। इस बच्चे को बचपन में बुखार हुआ, तभी से मंदबुद्धि हो गया । इसके चलते वह घर से बाहर निकल आता है। कपड़े उतारकर फेंक देता है और यूं ही भटकता रहता है। काफी इलाज भी कराया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। सीडब्ल्यूसी ने सख्त हिदायत दी यदि भविष्य में बच्चे को सड़क पर छोड़ा तो आपके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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सीडब्ल्यूसी को वकीलों ने बताया कि बागपत के बाजार और तहसील परिसर के आसपास एक मंदबुद्धि लावारिस बालक नग्न अवस्था में भटकता रहता है। जो बाइकों से पेट्रोल की गंद लेने का आदी है। पाइप हटाकर पेट्रोल पीता है। पाइप न हटते बाइकों को गिराकर क्षतिग्रस्त कर देता है। कोई पकड़ता है तो उस पर हमला कर देता है। शिकायत मिलते ही न्यायपीठ सीडब्ल्यूसी के न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव यादव, मालती शर्मा ने संरक्षण अधिकारी को इस बालक को सीडब्ल्यूसी के सामने प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मंगलवार को 181 महिला हैल्प लाइन की सुगमकर्ता रश्मि और रीता यादव टीम लेकर उस बालक को खोजने निकली और शहर के बाजार से पकड़कर सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया। पता चलने पर बालक के परिजन भी कोर्ट में पहुंचे। बालक पर अपना दावा पेश किया। न्यायपीठ ने सभी आवश्यक कागजात व शपथपत्र का अवलोकन किया। परिजनों को ठीक से न पालने पर परिजनों को नसीहत दी। परिजनों ने बताया कि उनके नौ बच्चे हैं। इस बच्चे को बचपन में बुखार हुआ, तभी से मंदबुद्धि हो गया । इसके चलते वह घर से बाहर निकल आता है। कपड़े उतारकर फेंक देता है और यूं ही भटकता रहता है। काफी इलाज भी कराया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। सीडब्ल्यूसी ने सख्त हिदायत दी यदि भविष्य में बच्चे को सड़क पर छोड़ा तो आपके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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