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किसानों का उत्पीडन बंद करे सरकार
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:57 AM IST
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दोघट (बागपत)। चौगामा प्याऊ पर किसान अधिकार आंदोलन के तत्वावधान में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चल रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। चेतावनी दी कि किसानों व आमजन का उत्पीड़न बंद नहीं किया तो 17 फरवरी की पंचायत में सख्त निर्णय लेने को बाध्य होंगे।
इस मौके पर बकाया गन्ना भुगतान, चौगामा नहर पर विचार किया और बढ़ी विद्युत दरों को वापस लेने की सरकार से अपील की कि ग्रामीण इतने बिल देने में असमर्थ हैं। चौधरी नरेंद्र राणा ने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना, साढ़े चार हजार रुपये बिल के अलावा पुलिस के नाम की रसीद काटना, यह एक तरीके से ब्रिटिश हुकूमत की याद दिला रहा है। बागपत के जिलाधिकारी कम से कम अपने जिले में ग्रामीणों पर बिजली संबंधी मुकदमे वापस लें और इस उत्पीड़न को बंद किया जाए। अध्यक्षता करते हुए पदम सिंह पंवार ने कहा कि 17 फरवरी की पंचायत में आगामी रणनीति बनाई जाएगी। पंचायत में सख्त निर्णय लेने को किसान बाध्य होंगे। संचालन शशिकांत राणा ने किया। इसमें चौधरी धर्म सिंह, मास्टर राज सिंह, हरपाल राणा, महावीर सिंह राणा, सतपाल पंवार, चौधरी चंद्रपाल राणा, हरबीर सिंह मेरठ, रणवीर सिंह पंवार आदि रहे।
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इस मौके पर बकाया गन्ना भुगतान, चौगामा नहर पर विचार किया और बढ़ी विद्युत दरों को वापस लेने की सरकार से अपील की कि ग्रामीण इतने बिल देने में असमर्थ हैं। चौधरी नरेंद्र राणा ने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना, साढ़े चार हजार रुपये बिल के अलावा पुलिस के नाम की रसीद काटना, यह एक तरीके से ब्रिटिश हुकूमत की याद दिला रहा है। बागपत के जिलाधिकारी कम से कम अपने जिले में ग्रामीणों पर बिजली संबंधी मुकदमे वापस लें और इस उत्पीड़न को बंद किया जाए। अध्यक्षता करते हुए पदम सिंह पंवार ने कहा कि 17 फरवरी की पंचायत में आगामी रणनीति बनाई जाएगी। पंचायत में सख्त निर्णय लेने को किसान बाध्य होंगे। संचालन शशिकांत राणा ने किया। इसमें चौधरी धर्म सिंह, मास्टर राज सिंह, हरपाल राणा, महावीर सिंह राणा, सतपाल पंवार, चौधरी चंद्रपाल राणा, हरबीर सिंह मेरठ, रणवीर सिंह पंवार आदि रहे।
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