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दलित किशोरी से छेडख़ानी पर पांच साल की सजा
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:17 AM IST
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किशोरी से छेड़छाड़ पर पांच साल की सजा
बागपत। बालैनी थाना क्षेत्र के गांव में दो साल पहले दलित किशोरी से घर में घुसकर छेड़छाड़ करने के मामले में आरोपी को पांच साल सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में एडीजे विशेष (एससी/एसटी एक्ट) रमेश चंद ने यह फैसला सुनाया।
अधिवक्ता बिल्लू कुमार गिरि ने बताया कि बालैनी थाना क्षेत्र के गांव में 25 फरवरी 2015 को एक घर में घुसकर किशोरी से छेड़छाड़ की गई थी। विरोध करने पर मारपीट की गई। पीड़िता के पिता ने आरोपी राहुल उर्फ डिंपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई एडीजे विशेष (एससी/एसटी एक्ट) रमेश चंद ने की। शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को 452, 323, 504, 354, 354ए भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी एक्ट में दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी को धारा 452 में पांच साल के सश्रम कारावास की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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बागपत। बालैनी थाना क्षेत्र के गांव में दो साल पहले दलित किशोरी से घर में घुसकर छेड़छाड़ करने के मामले में आरोपी को पांच साल सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में एडीजे विशेष (एससी/एसटी एक्ट) रमेश चंद ने यह फैसला सुनाया।
अधिवक्ता बिल्लू कुमार गिरि ने बताया कि बालैनी थाना क्षेत्र के गांव में 25 फरवरी 2015 को एक घर में घुसकर किशोरी से छेड़छाड़ की गई थी। विरोध करने पर मारपीट की गई। पीड़िता के पिता ने आरोपी राहुल उर्फ डिंपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई एडीजे विशेष (एससी/एसटी एक्ट) रमेश चंद ने की। शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को 452, 323, 504, 354, 354ए भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी एक्ट में दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी को धारा 452 में पांच साल के सश्रम कारावास की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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