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नफरत फैलाने वाले देश प्रेमी नहीं हो सकते- अरशद मदनी
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:59 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा आगरा के ताजमहल प्रकरण सरकार ने निपटा दिया। अब इसमें कुछ नहीं है। न मंदिर का सवाल है और न ही मस्जिद का।
वे बृहस्पतिवार को सर्व धर्म एकता परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आए थे और जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगरा के ताजमहल में विश्व हिंदू परिषद भगवान की आरती की, उसे सरकार ने निपटाया। अब इस मुद्दे में कुछ नहीं रहा। मदरसों में मुगल भाषा की किताब पढ़ाने के मामले में उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि लिखने वाले लिखते हैं, यह इतिहास का मामला है। इसे कोई नहीं रोक सकता। जिसे पढ़ना है, लिखना है, वह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पूर्व सरकार ने जो वायदे किए थे, उन पर जनता फैसला लेगी कि वे वादे पूरे हुए या नहीं हुए और जो लोग नफरत की बात करते हैं, वे देश प्रेमी नहीं है। इस देश में हमेशा से सभी लोग प्यार, मोहब्बत से रहते चले आ रहे हैं। बूचड़खानों के विषय में उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई कानूनी दाव पेंच रहा होगा, बंद कराए है, लेकिन बाद में लाइसेंस लेने की बात भी सरकार द्वारा कही गई। उन्होंने सभी धर्मों को एकजुटता से रहने की अपील की। उनके साथ अमित राय जैन, विनय शर्मा, डॉ. श्रेयांस जैन, धन कुमार जैन, मोहम्मद आरिफ आदि रहे।
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जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा आगरा के ताजमहल प्रकरण सरकार ने निपटा दिया। अब इसमें कुछ नहीं है। न मंदिर का सवाल है और न ही मस्जिद का।
वे बृहस्पतिवार को सर्व धर्म एकता परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आए थे और जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगरा के ताजमहल में विश्व हिंदू परिषद भगवान की आरती की, उसे सरकार ने निपटाया। अब इस मुद्दे में कुछ नहीं रहा। मदरसों में मुगल भाषा की किताब पढ़ाने के मामले में उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि लिखने वाले लिखते हैं, यह इतिहास का मामला है। इसे कोई नहीं रोक सकता। जिसे पढ़ना है, लिखना है, वह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पूर्व सरकार ने जो वायदे किए थे, उन पर जनता फैसला लेगी कि वे वादे पूरे हुए या नहीं हुए और जो लोग नफरत की बात करते हैं, वे देश प्रेमी नहीं है। इस देश में हमेशा से सभी लोग प्यार, मोहब्बत से रहते चले आ रहे हैं। बूचड़खानों के विषय में उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई कानूनी दाव पेंच रहा होगा, बंद कराए है, लेकिन बाद में लाइसेंस लेने की बात भी सरकार द्वारा कही गई। उन्होंने सभी धर्मों को एकजुटता से रहने की अपील की। उनके साथ अमित राय जैन, विनय शर्मा, डॉ. श्रेयांस जैन, धन कुमार जैन, मोहम्मद आरिफ आदि रहे।
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