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फिर शिखर पर 62 साल के सत्यपाल
Updated Mon, 04 Sep 2017 01:24 AM IST
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बागपत। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह फिर शिखर पर हैं। उनकी उम्र करीब 62 साल है। बासौली गांव में 29 नवंबर 1955 को जन्में सत्यपाल सिंह ने एमएससी रसायन शास्त्र, एमए, एमफिल के अलावा आस्ट्रेलिया से एमबीए किया। वह पीएचडी कर चुके हैं। वर्ष 1980 में आईपीएस परीक्षा पास की और महाराष्ट्र कैडर मिला। नासिक से नौकरी की शुरूआत हुई और मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नजदीकी लोगों में से एक हैं। वर्ष 2014 में भाजपा ज्वाइन की और उन्हें रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह के सामने चुनाव लड़ाया । इस चुनाव में उन्होंने करीब दो लाख वोटों से जीत हासिल की । सरकार के तीन साल के कार्यकाल के बाद उन्हें मंत्रालय दिया।
साहित्य रचना, पुरस्कारों से भी नवाजे गए
बागपत। डॉ. सत्यपाल सिंह साहित्य क्षेत्र से भी जुड़े रहे। वर्ष 2004 में उत्तर साहित्य पुरस्कार मुंबई, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य एकेडमी की ओर से उन्हें वर्ष 2009 में विशेष पुरस्कार, आर्य समाज सांता क्रुज मुंबई की ओर से विशिष्ट पुरस्कार के अलावा अन्य पुरस्कार मिला। उन्होंने कई किताबों की रचनाएं भी कीं।
आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक भी हिस्से में
बागपत। वर्ष 2008 में आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक दिया । वर्ष 1987 से 90 तक नक्सल प्रभावित एरिया में बेहतर कार्य के लिए पुलिस सेवा पदक मिला। करीब तीस साल की पुलिस सेवा में उनके हिस्से में अन्य भी कई पदक हैं।
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साहित्य रचना, पुरस्कारों से भी नवाजे गए
बागपत। डॉ. सत्यपाल सिंह साहित्य क्षेत्र से भी जुड़े रहे। वर्ष 2004 में उत्तर साहित्य पुरस्कार मुंबई, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य एकेडमी की ओर से उन्हें वर्ष 2009 में विशेष पुरस्कार, आर्य समाज सांता क्रुज मुंबई की ओर से विशिष्ट पुरस्कार के अलावा अन्य पुरस्कार मिला। उन्होंने कई किताबों की रचनाएं भी कीं।
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आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक भी हिस्से में
बागपत। वर्ष 2008 में आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक दिया । वर्ष 1987 से 90 तक नक्सल प्रभावित एरिया में बेहतर कार्य के लिए पुलिस सेवा पदक मिला। करीब तीस साल की पुलिस सेवा में उनके हिस्से में अन्य भी कई पदक हैं।
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