फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   पापकर्म करने वाला भी धर्म की शरण लेकर तिर सकता है- अरूण मुनि

पापकर्म करने वाला भी धर्म की शरण लेकर तिर सकता है- अरूण मुनि

Fri, 04 Aug 2017 12:42 AM IST
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:42 AM IST
विज्ञापन
पापकर्म करने वाला भी धर्म की शरण लेकर तिर सकता है- अरूण मुनि
धर्म की शरण लेकर तिर सकता है पापी : अरुण मुनि
विज्ञापन

बड़ौत (बागपत)। जैन संत अरुण मुनि ने कहा कीचड़ में पैदा होने वाला कमल हमेशा ऊंचा ही रहता है। पाप कर्म करने वाला भी धर्म की शरण लेकर तिर सकता है। जैन स्थानक नया बाजार में आयोजित धर्मसभा में जैन संत ने कहा हम अभी तक संसार में बसे हैं और पाप से बंधे है और चिपके हैं, जब तक पाप से दूर नहीं हटेंगें, तब तक धर्म को स्वीकार नहीं कर सकेंगे। यदि संसार से विमुक्त होना चाहते हो तो पाप से दूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा काम भोग मनुष्य को सुख भी देते हैं और दुख भी देते हैं। सुख तो क्षणिक होता है, लेकिन दुख लंबे समय तक भोगते हैं। इस पाप का आकर्षण आयु विशेष से संबधित नहीं होते। यह वासना तो किसी भी उम्र में जागृत हो सकती है। इससे पूर्व अमन मुनि ने भी धर्मसभा में विचार रखे। धर्मसभा में जयप्रकाश जैन, प्रवीण जैन, खचेडुमल, विनोद जैन, अभय जैन, अनुराग जैन, मुकेश जैन, हंस कुमार, कालू जैन, दीपक जैन, शैल बाला, इंद्राणी, सविता, मधु, छवि, पूनम आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed