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दिव्यांगों का कलक्ट्रेट और सीएमओ दफ्तर पर हंगामा
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बागपत। विभिन्न मांगों को लेकर दिव्यांगों ने सीएमओ कार्यालय और कलक्ट्रेट में हंगामा किया। सीएमओ पहुंची तो घेराव करते हुए उन्होंने नोकझोंक शुरू कर दी। चेतावनी दी प्रमाणपत्र नहीं बना तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सीएमओ दफ्तर में प्रत्येक सोमवार को दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बनाने का दिन निर्धारित किया गया है। दिव्यांगों की जांच के लिए डॉक्टरों का पैनल बनाया हुआ है। इसमें आंख, कान और हड्डी का डॉक्टर जांच के बाद प्रमाणपत्र बनाने की संस्तुति करते हैं। सोमवार को दिव्यांग पहुंचे। घंटों कार्यालय के बाहर खड़े होने के बाद वहां कोई भी चिकित्सक नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्होंने वहां हंगामा किया। वहां कोई सुनवाई नहीं हुई तो सभी दिव्यांग कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी कर हंगामा किया। डॉक्टरों पर कई आरोप लगाए। बताया कि छह माह से प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। उसके बाद कलक्ट्रेट में सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा पहुंची तो सभी दिव्यांगों ने उनका घेराव किया। प्रमाणपत्र न बनाने को लेकर नोकझोंक की।
उन्होंने आश्वासन दिया कि डॉक्टरों की मौजूदगी में नियमानुसार प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। जब डॉक्टर नहीं आते है, तभी थोड़ी परेशानी होती है। सभी का प्रमाणपत्र उनकी दिव्यांगता के अनुसार बनवा दिया जाएगा। पंज, मोनिस तोमर, मुकेश कुमार, टिंकू, सूजर, सतेंद्र, यशपाल, अंकित, मनोज अख्तर सलमानी, जयकुमार, मोहसीन, सोनू, अंकित, ज्ञानू, रीपाल, नईमा, सोनू, मुकेश कुमार, सूरज कुमार, रोहित कुमार मौजूद रहे।
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सीएमओ दफ्तर में प्रत्येक सोमवार को दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बनाने का दिन निर्धारित किया गया है। दिव्यांगों की जांच के लिए डॉक्टरों का पैनल बनाया हुआ है। इसमें आंख, कान और हड्डी का डॉक्टर जांच के बाद प्रमाणपत्र बनाने की संस्तुति करते हैं। सोमवार को दिव्यांग पहुंचे। घंटों कार्यालय के बाहर खड़े होने के बाद वहां कोई भी चिकित्सक नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्होंने वहां हंगामा किया। वहां कोई सुनवाई नहीं हुई तो सभी दिव्यांग कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी कर हंगामा किया। डॉक्टरों पर कई आरोप लगाए। बताया कि छह माह से प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। उसके बाद कलक्ट्रेट में सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा पहुंची तो सभी दिव्यांगों ने उनका घेराव किया। प्रमाणपत्र न बनाने को लेकर नोकझोंक की।
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उन्होंने आश्वासन दिया कि डॉक्टरों की मौजूदगी में नियमानुसार प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। जब डॉक्टर नहीं आते है, तभी थोड़ी परेशानी होती है। सभी का प्रमाणपत्र उनकी दिव्यांगता के अनुसार बनवा दिया जाएगा। पंज, मोनिस तोमर, मुकेश कुमार, टिंकू, सूजर, सतेंद्र, यशपाल, अंकित, मनोज अख्तर सलमानी, जयकुमार, मोहसीन, सोनू, अंकित, ज्ञानू, रीपाल, नईमा, सोनू, मुकेश कुमार, सूरज कुमार, रोहित कुमार मौजूद रहे।
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