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मौसम ने बदली करवट, देर रात हुई बारिश
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बागपत। मौसम ने करवट बदली। हल्की बूंदाबांदी भी हुई। तेज हवा चली। बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को लाभ होगा। लेकिन तेज बारिश और हवा सरसों की फसल के लिए खतरा हो गया। मौसम बदलने से किसानों का कार्य प्रभावित हुआ। रात में करीब साढ़े नौ बजे बागपत सहित अन्य स्थानों पर जोरदार बारिश शुरू हो गई है।
सोमवार को मौसम ने करवट बदली। सुबह से ही आसमान में बादल छा गए। तेज हवा चलनी शुरू हो गई थी। दोपहर करीब दो बजे जिलेभर में हल्की बूंदाबांदी हुई। तेज हवा चली। जिससे गन्ने की छिलाई का कार्य किसानों को रोकना पड़ा। सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए। दुपहिया वाहन चालकों को परेशानियां उठानी पड़ी। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ गजेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल को किसी तरह का नुकसान नहीं है। गेहूं की फसल को लाभ होगा। तेज हवा और तेज बारिश से सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। फूल झड़ने के अलावा जिस फसल पर फली आ चुकी है, उसे भी नुकसान होगा। सरसों के किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर हैं। मौसम के दो दिन तक खराब रहने की संभावना है। रात के समय करीब साढ़े नौ बजे जनपद में बागपत शहर सहित अन्य स्थानों पर तेज बारिश शुरू हो गई। इससे सैकड़ों किसानों की सांस रूक गई है।
दूसरी तरफ बारिश होने से क्षेत्र में चल रहे भट्ठों पर पथाई कार्य रूक गया है। वहीं कोल्हू पर भी बंद कर दिए। इससे अगले कई दिन तक कोल्हू बंद होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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सोमवार को मौसम ने करवट बदली। सुबह से ही आसमान में बादल छा गए। तेज हवा चलनी शुरू हो गई थी। दोपहर करीब दो बजे जिलेभर में हल्की बूंदाबांदी हुई। तेज हवा चली। जिससे गन्ने की छिलाई का कार्य किसानों को रोकना पड़ा। सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए। दुपहिया वाहन चालकों को परेशानियां उठानी पड़ी। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ गजेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल को किसी तरह का नुकसान नहीं है। गेहूं की फसल को लाभ होगा। तेज हवा और तेज बारिश से सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। फूल झड़ने के अलावा जिस फसल पर फली आ चुकी है, उसे भी नुकसान होगा। सरसों के किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर हैं। मौसम के दो दिन तक खराब रहने की संभावना है। रात के समय करीब साढ़े नौ बजे जनपद में बागपत शहर सहित अन्य स्थानों पर तेज बारिश शुरू हो गई। इससे सैकड़ों किसानों की सांस रूक गई है।
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दूसरी तरफ बारिश होने से क्षेत्र में चल रहे भट्ठों पर पथाई कार्य रूक गया है। वहीं कोल्हू पर भी बंद कर दिए। इससे अगले कई दिन तक कोल्हू बंद होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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