फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   बारिश में बह गए लाखों रुपये, बन गए मौत के गड्ढ़े

बारिश में बह गए लाखों रुपये, बन गए मौत के गड्ढ़े

Thu, 06 Sep 2018 01:00 AM IST
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
बारिश में बह गए लाखों रुपये, बन गए मौत के गड्ढ़े
बागपत। बरसात के मौसम ने सड़कों की मरम्मत की पोल भी खोलकर रख दी है। बरसात से पहले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर लाखों रुपये खर्च कर गड्ढे भरवाए गए थे, लेकिन बारिश में फिर से यह गड्ढे बन गए हैं। आए दिन इनमें फंसकर वाहन क्षतिग्रस्त होते रहते हैं। सरूरपुर और बड़ौत से वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। दिनभर सरूरपुर में जाम की स्थिति होती है।
विज्ञापन

दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण अब एनएचएआई करेगा। 11 सितंबर को बड़ौत में शिलान्यास किया जाएगा, इसमें शामिल होने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बागपत आएंगे। हाईवे का हाल यह है कि सरूरपुर कलां में गड्ढे इतने गहरे हो गए कि वाहन पलटते रहते हैं। हर समय यहां पर जाम की स्थिति रहती है। ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। बड़ौत में बावली चुंगी के अलावा तहसील गेट के समाने, औद्योगिक पुलिस चौकी के पास गहरे-गहरे गड्ढे बन गए हैं। डेढ़ माह पूर्व लाखों रुपये खर्च कर बागपत से बड़ौत तक गड्ढों को भरवाया, लेकिन बारिश में फिर से गहरे गड्ढे बन गए। बड़ौत व सरूरपुर तक सैकड़ों गड्ढे हैं। गड्ढों में गिरकर बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। भारी वाहनों को निकलने में परेशानी होती है।
विज्ञापन


यहां से मौत के गड्ढे
बागपत। बड़ौत में बावली चुंगी के पास, दिल्ली बस स्टैंड पर, तहसील गेट के सामने, साधुवृत्ति आश्रम के सामने, औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी के पास गहरे गड्ढे है। सरूरपुर गांव में इंटर कालेज के पास, पुलिस चौकी से आगे राजबाहे तक दो से तीन-तीन फुट गहरे गड्ढे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जाम में फंसे रहते हैं स्कूली वाहनों
बागपत। बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पांच किलोमीटर के दायरे में 15 से ज्यादा पब्लिक स्कूल है। इन स्कूलों की करीब 30 से अधिक बसें रोज गड्ढों से गुजरती है। गड्ढों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। तहसील गेट व साधुवृत्ति आश्रम के सामने ज्यादा स्थिति खराब है। पुलिस को जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।

बागपत का सबसे बड़ा सियासी मुद्दा
बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे बागपत की सियासत के सबसे बड़े मुद्दों में से एक है। साल 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव के अलावा साल 2014 के लोकसभा चुनाव में हाईवे मुद्दा रहा है। 11 सितंबर को इसी हाईवे के शिलान्यास के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ बड़ौत के जेवी डिग्री कॉलेज के मैदान पर आ रहे हैं।

हाईवे का बागपत में 51 किमी का टुकड़ा
बागपत। फोरलेन प्रस्तावित हाईवे पर निर्माण की शुरूआत 30 मार्च 2012 को हुई । ठेकेदार कंपनी के डायरेक्टर्स समेत अन्य लोगों के खिलाफ 455 करोड़ के घपले का मुकदमा दर्ज हो चुका है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बागपत जिले में करीब सात हजार पेड़ काटे। सिसाना और सरूरपुर कलां जैसे गांवों में लोगों के मकानों पर बुलडोजर चला। जिले की सीमा में किसी पुलिया तक निर्माण अधूरा है। ठेकेदार कंपनी ने आखिरी बार गाजियाबाद के लोनी में फ्लाईओवर निर्माण का कार्य किया । नवंबर 2013 में यहां भी काम रोक दिया। बागपत में हाईवे का करीब 51 किमी का टुकड़ा है, इसका निर्माण प्रथम चरण में कराने की कवायद चल रही है।


नया गांव में भी बन गए गड्ढे
बागपत। बागपत-मेरठ मार्ग पर नया गांव हमीदाबाद में बरसात से पहले गड्ढे भरवाने का काम किया गया था। लेकिन बरसात शुरू होते ही यहां पर गड्ढे बन गए हैं। आए दिन यहां भी वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed