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पिता के साथ कांवड़ लेकर आई बिटिया, आईपीएस बनने की चाह
Updated Tue, 07 Aug 2018 01:04 AM IST
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बागपत। दिल्ली के नजफगढ़ की रहने वाली बीकॉम की छात्रा प्राची अपने पिता के साथ हरिद्वार से कांवड़ लाई। महादेव से मन्नत मांगी कि पढ़ लिखकर आईपीएस अफसर बनना चाहती है। ताकि वह लड़कियों पर बढ़ रही घटनाओं पर अंकुश लगा सके। इन घटनाओं को सुनकर आहत है। इस हौसले को पूरा करने में भगवान के साथ-साथ पिता का भी सहयोग मिल रहा है।
कोई रूठों को मनाने के लिए कांवड़ ला रहा है तो कोई नौकरी के लिए, कोई अच्छी पत्नी मिल जाए इस लिए कांवड़ रहा है। दिल्ली के नजफगढ़ की रहने वाली प्राची अपने पिता तेजवीर के साथ बस इस लिए कांवड़ की वह वह आईपीएस बनकर लड़कियों पर हो रहे अत्याचार का खात्मा कर सके। हरिद्वार से पिता के साथ कांवड़ उठाते ही महादेव से इसी यह ही संकल्प लिया। लंबी यात्रा तय कर जब प्राची शहर दिल्ली-सहारनपुर हाइवे स्थित नैथला मोड़ पहुंची। युवती ने बताया कि आए दिन न्यूज चैनल, अखबार और मोबाइलों पर लड़कियों के साथ रेप, छेड़छाड़, दहेज की खातिर बहुओं को मौत के घाट उतरना, तेजाबी हमले सहित अन्य को सुनकर वह आहत हुई है। इंटर करने के बाद बस उसने आईपीएस अफसर बनने की मन में ठानी है। अभी वह बीकॉम कर रही है। ग्रेजुएट होते ही आईपीएस की तैयारी शुरू कर देगी। बेटी के हौसले को आगे बढ़ाने के लिए पिता पूरा सहयोग कर रहे है।
पिता है डीटीसी में कंडक्टर, 18वीं ला रहे कांवड़
प्राची के पिता तेजवीर ने बताया कि वह डीटीसी में कंडक्टर (परिचालक) हैं। वह प्रत्येक वर्ष हरिद्वार से कांवड़ लाते हैं। उनकी यह 18वीं कांवड़ है। उन्होंने कहा कि पुत्री के मन में जो बात आई, उसको पूरा कराने का प्रयास रहेगा। यह तो सच है कि लड़कियों का हर जगह शोषण हो रहा है। यदि बेटी पढ़ लिखकर आईपीएस अफसर बन जाएगी तो उसके लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
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कोई रूठों को मनाने के लिए कांवड़ ला रहा है तो कोई नौकरी के लिए, कोई अच्छी पत्नी मिल जाए इस लिए कांवड़ रहा है। दिल्ली के नजफगढ़ की रहने वाली प्राची अपने पिता तेजवीर के साथ बस इस लिए कांवड़ की वह वह आईपीएस बनकर लड़कियों पर हो रहे अत्याचार का खात्मा कर सके। हरिद्वार से पिता के साथ कांवड़ उठाते ही महादेव से इसी यह ही संकल्प लिया। लंबी यात्रा तय कर जब प्राची शहर दिल्ली-सहारनपुर हाइवे स्थित नैथला मोड़ पहुंची। युवती ने बताया कि आए दिन न्यूज चैनल, अखबार और मोबाइलों पर लड़कियों के साथ रेप, छेड़छाड़, दहेज की खातिर बहुओं को मौत के घाट उतरना, तेजाबी हमले सहित अन्य को सुनकर वह आहत हुई है। इंटर करने के बाद बस उसने आईपीएस अफसर बनने की मन में ठानी है। अभी वह बीकॉम कर रही है। ग्रेजुएट होते ही आईपीएस की तैयारी शुरू कर देगी। बेटी के हौसले को आगे बढ़ाने के लिए पिता पूरा सहयोग कर रहे है।
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पिता है डीटीसी में कंडक्टर, 18वीं ला रहे कांवड़
प्राची के पिता तेजवीर ने बताया कि वह डीटीसी में कंडक्टर (परिचालक) हैं। वह प्रत्येक वर्ष हरिद्वार से कांवड़ लाते हैं। उनकी यह 18वीं कांवड़ है। उन्होंने कहा कि पुत्री के मन में जो बात आई, उसको पूरा कराने का प्रयास रहेगा। यह तो सच है कि लड़कियों का हर जगह शोषण हो रहा है। यदि बेटी पढ़ लिखकर आईपीएस अफसर बन जाएगी तो उसके लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
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