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तीन दिवसीय चौबीस तीर्थंकर विधान का हर्षोल्लास के साथ किया गया शुभांरभ
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:32 AM IST
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तीन दिवसीय चौबीस तीर्थंकर विधान शुरू
बड़ौत। अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में एलाचार्य अतिवीर महाराज के सानिध्य मेें तीन दिवसीय चौबीस तीर्थंकर विधान का आयोजन हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ।
अजितनाथ मंदिर से सुबह छह बजे चौबीस तीर्थंकर से शोभायात्रा निकाली गई। डा श्रेयांस जैन तथा बाल ब्रह्मचार्य राज किंग जैन के निर्देशन में पीतरधारी, इन्द्रगण जिनेन्द्र भवगान की प्रतिमा को धारण कर विहर्ष सभागार मेें पहुंचे और अतिवीर महाराज ने दिव्य मंत्रों और जैन श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया। शांति धारण, झंडोराण भारत जैन ने, मांडले का उद्घाटन रमेश चंद, गौरव जैन ने किया। चित्र अनावरण प्रेमचंद जैन, गौरव जैन को प्राप्त हुआ। प्रेमचंद जैन, गौरव जैन, जंयती प्रसाद प्राप्त हुआ। दीप प्रज्जवलन सुदंर लाल जैन ने किया।
विधान की सामग्री राजेश जैन ने प्रदान की। इसके बाद चौबीस तीर्थकर की पूजा शुरू हुई तथा मंडल पर इंद्रियों द्वारा अर्घ्य समर्पित किए गए। सौ धर्म इंद्र बनने का सौभाग्य सुरेश जैन, कुबेर इन्द्र राकेश जैन, यज्ञ नायक मुकेश बजाज, माहेन्द्र दिनेश जैन, इसान, मुकेश तथा सामान इन्द्र का सौभाग्य विपिन जैन को प्राप्त हुआ। विधान के मध्य पहुंचे विधायक केपी मलिक ने श्रीफल भेंट किया। स्वागत अध्यक्ष हर्ष जैन ने उनका पट्टा पहनाकर स्वागत किया।
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कार्यक्रम में एलाचार्य अतिवीर महाराज ने कहा कि झंडारोहण के समय विधान का झंडा पूर्व दिशा की ओर गया है। इसका तात्पर्य है कि यह चौबीस तीर्थकर विधान समाज की उन्नति करने वाला है। जो भी धर्म प्रेमी भक्तिभाव से इस विधान को करता है, उसका मंगल ही मंगल होगा। विधान मेें सुभाष जैन, महेन्द्र जैन, मुकेश, वरदान जैन, अशोक जैन, सजल जैन, सुरेश जैन, सतीश जैन, संजीव जैन, महेश जैन, अनुज जैन, दिनेश जैन, अरूण जैन, अनिल जैन, इन्द्राणी जैन, तिसरला, कृष्णा उपस्थित रहे।
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बड़ौत। अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में एलाचार्य अतिवीर महाराज के सानिध्य मेें तीन दिवसीय चौबीस तीर्थंकर विधान का आयोजन हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ।
अजितनाथ मंदिर से सुबह छह बजे चौबीस तीर्थंकर से शोभायात्रा निकाली गई। डा श्रेयांस जैन तथा बाल ब्रह्मचार्य राज किंग जैन के निर्देशन में पीतरधारी, इन्द्रगण जिनेन्द्र भवगान की प्रतिमा को धारण कर विहर्ष सभागार मेें पहुंचे और अतिवीर महाराज ने दिव्य मंत्रों और जैन श्रद्धालुओं ने जिनेंद्र भगवान की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया। शांति धारण, झंडोराण भारत जैन ने, मांडले का उद्घाटन रमेश चंद, गौरव जैन ने किया। चित्र अनावरण प्रेमचंद जैन, गौरव जैन को प्राप्त हुआ। प्रेमचंद जैन, गौरव जैन, जंयती प्रसाद प्राप्त हुआ। दीप प्रज्जवलन सुदंर लाल जैन ने किया।
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विधान की सामग्री राजेश जैन ने प्रदान की। इसके बाद चौबीस तीर्थकर की पूजा शुरू हुई तथा मंडल पर इंद्रियों द्वारा अर्घ्य समर्पित किए गए। सौ धर्म इंद्र बनने का सौभाग्य सुरेश जैन, कुबेर इन्द्र राकेश जैन, यज्ञ नायक मुकेश बजाज, माहेन्द्र दिनेश जैन, इसान, मुकेश तथा सामान इन्द्र का सौभाग्य विपिन जैन को प्राप्त हुआ। विधान के मध्य पहुंचे विधायक केपी मलिक ने श्रीफल भेंट किया। स्वागत अध्यक्ष हर्ष जैन ने उनका पट्टा पहनाकर स्वागत किया।
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कार्यक्रम में एलाचार्य अतिवीर महाराज ने कहा कि झंडारोहण के समय विधान का झंडा पूर्व दिशा की ओर गया है। इसका तात्पर्य है कि यह चौबीस तीर्थकर विधान समाज की उन्नति करने वाला है। जो भी धर्म प्रेमी भक्तिभाव से इस विधान को करता है, उसका मंगल ही मंगल होगा। विधान मेें सुभाष जैन, महेन्द्र जैन, मुकेश, वरदान जैन, अशोक जैन, सजल जैन, सुरेश जैन, सतीश जैन, संजीव जैन, महेश जैन, अनुज जैन, दिनेश जैन, अरूण जैन, अनिल जैन, इन्द्राणी जैन, तिसरला, कृष्णा उपस्थित रहे।