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परमात्मा की स्तुति से मिलती है शांति : शास्त्री
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:00 AM IST
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बिनौली (बागपत)। बरनावा लाक्षागृह स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय में रविवार को 59वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ।
गांधी धाम समिति की ओर से हुए कार्यक्रम में वैदिक विद्वान योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि हम अपने विचारों को पवित्र रखें। ऐसा प्रयास करें, जिससे समाज को दिशा मिले। ऐसा तब होगा जब हम परमात्मा से जुड़ेंगे। परमात्मा की सत्ता से अलग होने वाले को जीवन में सुख शांति नही मिलती। उन्होंने कहा कि हम परमात्मा को तो मानते हैं। लेकिन परमात्मा की नहीं मानते। मन, वचन और कर्म को पवित्र करके परमात्मा की स्तुति करने वाले मनुष्य को सुख शांति मिलती है।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने यज्ञ को संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से यज्ञ को आत्मसात करने का आह्वान किया। आचार्य अंकुर भारद्वाज ने ईश भक्ति से ओतप्रोत भजन प्रस्तुत किए। आचार्य विनोद कुमार, जयवीर दत्त, विजयपाल शास्त्री, स्वामी ब्रह्ममुनि, देवेंद्र शास्त्री, सुनील शास्त्री और सौरभ शास्त्री ने भी यज्ञशालाओं पर वेदपाठ किया। इससे पूर्व गांधी धाम समिति अध्यक्ष सतीश भारद्वाज और राजपाल वानप्रस्थी ने ओम पताका का ध्वजारोहण कर महायज्ञ का शुभारंभ किया। इसमें संजीवेश्वर त्यागी, नरेंद्र त्यागी, प्रमोद त्यागी नारंगपुर, विनोद करनावल, सहदेव आर्य, अजय त्यागी, संजीव आर्य, ऋषि ब्रहमचारी, सतीश चेयरमैन, विजय कुमार, धनपाल प्रधान आदि श्रद्धालुओं ने आहुति देकर पुण्य लाभ कमाया।
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गांधी धाम समिति की ओर से हुए कार्यक्रम में वैदिक विद्वान योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि हम अपने विचारों को पवित्र रखें। ऐसा प्रयास करें, जिससे समाज को दिशा मिले। ऐसा तब होगा जब हम परमात्मा से जुड़ेंगे। परमात्मा की सत्ता से अलग होने वाले को जीवन में सुख शांति नही मिलती। उन्होंने कहा कि हम परमात्मा को तो मानते हैं। लेकिन परमात्मा की नहीं मानते। मन, वचन और कर्म को पवित्र करके परमात्मा की स्तुति करने वाले मनुष्य को सुख शांति मिलती है।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने यज्ञ को संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से यज्ञ को आत्मसात करने का आह्वान किया। आचार्य अंकुर भारद्वाज ने ईश भक्ति से ओतप्रोत भजन प्रस्तुत किए। आचार्य विनोद कुमार, जयवीर दत्त, विजयपाल शास्त्री, स्वामी ब्रह्ममुनि, देवेंद्र शास्त्री, सुनील शास्त्री और सौरभ शास्त्री ने भी यज्ञशालाओं पर वेदपाठ किया। इससे पूर्व गांधी धाम समिति अध्यक्ष सतीश भारद्वाज और राजपाल वानप्रस्थी ने ओम पताका का ध्वजारोहण कर महायज्ञ का शुभारंभ किया। इसमें संजीवेश्वर त्यागी, नरेंद्र त्यागी, प्रमोद त्यागी नारंगपुर, विनोद करनावल, सहदेव आर्य, अजय त्यागी, संजीव आर्य, ऋषि ब्रहमचारी, सतीश चेयरमैन, विजय कुमार, धनपाल प्रधान आदि श्रद्धालुओं ने आहुति देकर पुण्य लाभ कमाया।
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