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बागपत के हिस्से में मौत के गड्ढ़े
Updated Tue, 29 Aug 2017 01:12 AM IST
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बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के गड्ढे पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा रहे, अब नेता उन्हें भूल चुके हैं। हाईवे पर बने खूनी गड्ढे रोज हादसों की वजह बन रहे हैं। आए दिन होने वाले हादसों में लोग मर रहे हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों को के आंसू आश्वासन से पोंछ दिए जाते हैं। सवाल बाकी है, हाईवे आखिरकार कब बनेगा। गौरीपुर मोड़ के टी-प्वाइंट से गुजरने के लिए जान आफत में डालनी पड़ती है। गड्ढों की गिनती नहीं, जाम में फंस गए तो घंटेभर तक यहां खड़े रहना पड़ता है । कलक्ट्रेट से सटे गौरीपुर मोड़ की अनदेखी तो तब है, जब डीएम समेत जिले के अन्य अधिकारी रोजाना बदहाली से रूबरू होते हैं। गड्ढे दर्द बनकर चुभते हैं, लेकिन जैसे सिस्टम लाइलाज है। फाइलें इधर से उधर भेजी जाती हैं, लेकिन हाईवे से गुजरने वाले लोगों को गड्ढों के दर्द से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। इससे लोगों में सरकार और सिस्टम के प्रति गुस्सा नजर आ रहा है।
हाईवे पर खुद फंसे तो वापस लौटे प्रभारी मंत्री बघेल
बागपत। आम आदमी रोजाना हाईवे पर स्थित गौरीपुर मोड़ के गड्ढों से रूबरू होता है। दर्द झेलता है और सरकारों के वायदे याद करता है, लेकिन जब खुद सरकार को झेलना पड़े तो नजारा बदल जाता है। पिछले दिनों जिला प्रभारी कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल बागपत से बड़ौत के लिए निकले तो गौरीपुर मोड़ के जाम में फंस गए। गड्ढों ने उन्हें भी दर्द दिया। उन्होंने प्रशासन को तुरंत टी-प्वाइंट का निर्माण कराने का आदेश दिया, लेकिन यह आदेश तो फाइलों में हैं। पुलिस ने सड़क खाली कराई और मंत्री के काफिले ने रास्ता बदल दिया। उधर, सोमवार को जिले के नोडल अधिकारी देवाशीष पांडा भी विकास की हकीकत जानने पहुंचे, लेकिन उनका काफिला भी इन्हीं गड्ढों से गुजरा।
जनपद बागपत में 51 किमी का टुकड़ा
बागपत। दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन प्रस्तावित हाईवे पर निर्माण की शुरूआत 30 मार्च 2012 को हुई । ठेकेदार कंपनी के निदेशकों सहित अन्य लोगों के खिलाफ 455 करोड़ के घपले का मुकदमा दर्ज हो चुका है। ठेकेदार कंपनी ने आखिरी बार गाजियाबाद के लोनी में फ्लाईओवर निर्माण का कार्य किया। नवंबर 2013 में यहां भी काम रोक दिया, इसके बाद कोई कार्य नहीं किया। बागपत की सीमा में हाईवे का करीब 51 किमी का टुकड़ा है। लोगों का कहना है कि उन्हें सिर्फ गौरीपुर मोड़ की परेशानी से निजात चाहिए।
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यूपी से एनओसी, केंद्र में फाइल लटकी
बागपत। बसपा सरकार में हाईवे का निर्माण स्वीकृत हुआ, सपा सरकार में काम शुरू, लेकिन विवादों में उलझा रहा। भाजपा ने लोकसभा और विधान चुनाव में मुद्दा बनाया। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह बार-बार चुनावी मंचों से कहते रहे कि सपा सरकार राजमार्ग निर्माण के लिए एनओसी नहीं दे रही हैं। केंद्र सरकार तैयार बैठी है। यूपी में भाजपा की सरकार बनीं, सांसद ने एनओसी ले ली, लेकिन अब तक केंद्र ने इसे फाइलों में हरी झंडी नहीं दी है। निर्माण कब शुरू होगा, इस पर अभी कोई कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। राजनीतिक मंचों से राजनेता की तरफ से लोगों को आश्वास दिए जाते हैं।
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हाईवे पर खुद फंसे तो वापस लौटे प्रभारी मंत्री बघेल
बागपत। आम आदमी रोजाना हाईवे पर स्थित गौरीपुर मोड़ के गड्ढों से रूबरू होता है। दर्द झेलता है और सरकारों के वायदे याद करता है, लेकिन जब खुद सरकार को झेलना पड़े तो नजारा बदल जाता है। पिछले दिनों जिला प्रभारी कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल बागपत से बड़ौत के लिए निकले तो गौरीपुर मोड़ के जाम में फंस गए। गड्ढों ने उन्हें भी दर्द दिया। उन्होंने प्रशासन को तुरंत टी-प्वाइंट का निर्माण कराने का आदेश दिया, लेकिन यह आदेश तो फाइलों में हैं। पुलिस ने सड़क खाली कराई और मंत्री के काफिले ने रास्ता बदल दिया। उधर, सोमवार को जिले के नोडल अधिकारी देवाशीष पांडा भी विकास की हकीकत जानने पहुंचे, लेकिन उनका काफिला भी इन्हीं गड्ढों से गुजरा।
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जनपद बागपत में 51 किमी का टुकड़ा
बागपत। दिल्ली-यमुनोत्री फोरलेन प्रस्तावित हाईवे पर निर्माण की शुरूआत 30 मार्च 2012 को हुई । ठेकेदार कंपनी के निदेशकों सहित अन्य लोगों के खिलाफ 455 करोड़ के घपले का मुकदमा दर्ज हो चुका है। ठेकेदार कंपनी ने आखिरी बार गाजियाबाद के लोनी में फ्लाईओवर निर्माण का कार्य किया। नवंबर 2013 में यहां भी काम रोक दिया, इसके बाद कोई कार्य नहीं किया। बागपत की सीमा में हाईवे का करीब 51 किमी का टुकड़ा है। लोगों का कहना है कि उन्हें सिर्फ गौरीपुर मोड़ की परेशानी से निजात चाहिए।
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यूपी से एनओसी, केंद्र में फाइल लटकी
बागपत। बसपा सरकार में हाईवे का निर्माण स्वीकृत हुआ, सपा सरकार में काम शुरू, लेकिन विवादों में उलझा रहा। भाजपा ने लोकसभा और विधान चुनाव में मुद्दा बनाया। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह बार-बार चुनावी मंचों से कहते रहे कि सपा सरकार राजमार्ग निर्माण के लिए एनओसी नहीं दे रही हैं। केंद्र सरकार तैयार बैठी है। यूपी में भाजपा की सरकार बनीं, सांसद ने एनओसी ले ली, लेकिन अब तक केंद्र ने इसे फाइलों में हरी झंडी नहीं दी है। निर्माण कब शुरू होगा, इस पर अभी कोई कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। राजनीतिक मंचों से राजनेता की तरफ से लोगों को आश्वास दिए जाते हैं।