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मुनि श्री की विनयांजलि सभा में श्रद्वालुओं ने दी श्रद्धांजलि
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खेकड़ा (बागपत)।
क्षेत्र के बड़ागांव स्थित दिगंबर जैन साधु वृत्ति आश्रम में ग्यारह जून को आश्रम में परम पूज्य मुनि श्री एक सौ आठ वारिषेण सागर जी महाराज ने समाधि ली। बृहस्पतिवार को साधुवृत्ति आश्रम में आयोजित मुनि श्री की विनयांजलि सभा में श्रद्धालुओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी।
क्षेत्र के बड़ागांव स्थित दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में परम पूज्य मुनि श्री एक सौ आठ वारिषेण सागर जी महाराज विगत तीन वर्षों से रहकर धर्म साधना के साथ धर्म प्रभावना कर रहे थे। मुनि श्री ग्राम पिंडरई मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। मुनि श्री का नाम सुख माल कुमार था। वह 73 वर्ष के थे। बत्तीस वर्ष पूर्व मुनि श्री ने दीक्षा ली । ग्यारह जून को मुनि श्री वारिषेण सागर जी महाराज ने बड़ागांव स्थित साधुवृत्ति आश्रम में समाधि ली ।
मुनि श्री की समाधि लेने के सूचना मिलने के चलते श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुुुओं ने आश्रम में पहुंचकर मुनि श्री के अंतिम दर्शन किए। बृहस्पतिवार को आश्रम में मुनि श्री की विनयांजलि सभा का आयोजन हुआ। इसमें पहुंचे श्रद्धालुओं व मुनि श्री के भाई ललित कुमार, बहन पुष्पा जैन ने मुनि श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। कुमारी राशि जैन ने महाराज श्री को समर्पित भजन में कहा कि चिट्ठी ना कोई संदेश, न जाने कौन सा देश जहां मुनि श्री तुम चले गए। इसमें रोशन दीदी, राजीव कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, पूर्व प्रधानाचार्य विनय कुमार जैन, जनेश्वर दयाल जैन, राजेंद्र जैन, सुमेर चंद जैन, प्रेम चंद नेहरू, सोना लाल जैन, ललित कुमार, अनिल कुमार जैन, रमेश जैन आदि मौजूद रहे।
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क्षेत्र के बड़ागांव स्थित दिगंबर जैन साधु वृत्ति आश्रम में ग्यारह जून को आश्रम में परम पूज्य मुनि श्री एक सौ आठ वारिषेण सागर जी महाराज ने समाधि ली। बृहस्पतिवार को साधुवृत्ति आश्रम में आयोजित मुनि श्री की विनयांजलि सभा में श्रद्धालुओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी।
क्षेत्र के बड़ागांव स्थित दिगंबर जैन साधुवृत्ति आश्रम में परम पूज्य मुनि श्री एक सौ आठ वारिषेण सागर जी महाराज विगत तीन वर्षों से रहकर धर्म साधना के साथ धर्म प्रभावना कर रहे थे। मुनि श्री ग्राम पिंडरई मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। मुनि श्री का नाम सुख माल कुमार था। वह 73 वर्ष के थे। बत्तीस वर्ष पूर्व मुनि श्री ने दीक्षा ली । ग्यारह जून को मुनि श्री वारिषेण सागर जी महाराज ने बड़ागांव स्थित साधुवृत्ति आश्रम में समाधि ली ।
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मुनि श्री की समाधि लेने के सूचना मिलने के चलते श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। श्रद्धालुुुओं ने आश्रम में पहुंचकर मुनि श्री के अंतिम दर्शन किए। बृहस्पतिवार को आश्रम में मुनि श्री की विनयांजलि सभा का आयोजन हुआ। इसमें पहुंचे श्रद्धालुओं व मुनि श्री के भाई ललित कुमार, बहन पुष्पा जैन ने मुनि श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। कुमारी राशि जैन ने महाराज श्री को समर्पित भजन में कहा कि चिट्ठी ना कोई संदेश, न जाने कौन सा देश जहां मुनि श्री तुम चले गए। इसमें रोशन दीदी, राजीव कुमार जैन, संजीव कुमार जैन, पूर्व प्रधानाचार्य विनय कुमार जैन, जनेश्वर दयाल जैन, राजेंद्र जैन, सुमेर चंद जैन, प्रेम चंद नेहरू, सोना लाल जैन, ललित कुमार, अनिल कुमार जैन, रमेश जैन आदि मौजूद रहे।
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