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खादर में उतारी गई थी पांच पॉकलेन, बंद कराया खनन

Fri, 14 Jun 2019 01:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 01:00 AM IST
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खादर में उतारी गई थी पांच पॉकलेन, बंद कराया खनन
छपरौली (बागपत)। नियम को ताक पर रखकर क्षेत्र में रेत खनन का खेल चलता रहा। किसानों ने हंगामा किया और मामला लखनऊ तक पहुंचा तो प्रशासन हरकत में आया। जिला खनन अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने कोताना और छपरौली में छापेमारी अभियान चलाया। छपरौली में नियमों के विरुद्ध चल रहे खनन को बंद करा दिया गया है। टीम को मौके से पॉकलेन मशीनें भी खड़ी मिलीं।
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बृहस्पतिवार को जिला खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार मौर्य, नायब तहसीलदार नसीम अहमद, लेखपाल रामपाल यादव और पुलिस की टीम ने छपरौली में चल रहे खनन पर छापा मारा। टीम को यहां पर दो पॉकलेन मशीनें मिली। टीम ने दो रेत से लदे ट्रक और तीन ट्राले पकड़े। जिस रास्ते से खनन परिवहन किया जा रहा था, उसे खुदवा दिया गया। खनन अधिकारी ने कहा कि नियम विरुद्ध खनन नहीं होने दिया जाएगा। आसपास के लोग कई दिन से मामले की शिकायत कर रहे थे, लेकिन खनन विभाग देरी से हरकत में आया। छापेमारी से साफ हो गया कि गलत तरीके से खनन किया जा रहा था।
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एक जुलाई से बंद करना होगा
बागपत। एक जुलाई से तीन माह के लिए खनन बंद करने का नियम हैं। बरसात के दिनों में नदियों में खनन नहीं किया जा सकता। पट्टाधारकों को भी इसकी अनुमति नहीं मिलेगी।
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नेताजी ने किसानों को धमकाया था
बागपत। कोताना के खनन से संबंधित ऑडियो भी वायरल हुई थी। नेताजी के नाम से पुकारे जा रहे एक व्यक्ति ने धमकी दी थी कि यमुना में लाश पड़ी मिलेगी। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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