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चर्म शोधन इकाईयां बंद कराने की मांग
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चर्म शोधन इकाइयां बंद कराने की मांग
दोघट। भड़ल गांव में एनजीटी के आदेश के बावजूद चर्म शोधन इकाइयों का संचालन शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इकाइयां बंद नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद प्रशासन ने चर्म शोधन इकाइयां बंद करा दी थी। लेकिन कुछ दिन बाद इकाइयों का संचालन फिर से शुरू हो गया। इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी गलियों में जमा हो गया है। तालाब को भी दूषित कर दिया गया है। ग्रामीणों में संक्रामक रोग फैलने लगे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र इकाइयां बंद नहीं कराई गई तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। इस दौरान समरपाल सिह, जितेंद्र राणा, अमित कुमार, अजीत, मास्टर सुखवीर सिंह, ग्राम प्रधान देवेंद्र राणा मौजूद रहे।
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दोघट। भड़ल गांव में एनजीटी के आदेश के बावजूद चर्म शोधन इकाइयों का संचालन शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इकाइयां बंद नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद प्रशासन ने चर्म शोधन इकाइयां बंद करा दी थी। लेकिन कुछ दिन बाद इकाइयों का संचालन फिर से शुरू हो गया। इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी गलियों में जमा हो गया है। तालाब को भी दूषित कर दिया गया है। ग्रामीणों में संक्रामक रोग फैलने लगे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र इकाइयां बंद नहीं कराई गई तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। इस दौरान समरपाल सिह, जितेंद्र राणा, अमित कुमार, अजीत, मास्टर सुखवीर सिंह, ग्राम प्रधान देवेंद्र राणा मौजूद रहे।
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