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मीलती गोवंश आश्रय स्थल मेंर एक और गोवंशीय पशु की मौत
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अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। मीतली गांव में बनाए गए गोवंश आश्रय स्थल पर एक और गोवंशीय पशु की मौत हो गई है, जबकि कई पशु चोटिल हैं। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग से नियमित इलाज कराने की मांग की।
गोवंशीय पशुओं को बसेरा देने के लिए गोवंश स्थलों की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। मीतली गांव में बनाए गोवंश आश्रय स्थल में दर्जनों गोवंशीय पशु चोटिल और बीमार हैं, जिनमें एक पशु की रविवार को मौत हो गई है। ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो उनमें रोष व्याप्त हो गया है। ग्राम प्रधान के पति सतीश राणा को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद दर्जनों ग्रामीण आश्रय स्थल पहुंचे, यहां पर उन्होंने मृत गोवंश को गहरा गड्ढा में दबवा दिया। ग्रामीण बिजेंद्र, ओमपाल, शिवकुमार, जितेंद्र, प्रदीप, कमल, देवेंद्र, सुधीर ने बताया कि यहां नियमित रूप से पशुओं की देखभाल नहीं हो रही है, जिस कारण पशु बीमारी झेल रहे हैं। इससे पहले भी एक गाय की मौत हो चुकी है। पशु चिकित्सा विभाग से उपचार कराने की मांग की। ग्राम प्रधान के पति सतीश राणा ने कहा भूख से गोवंश की मौत नहीं हुई है। वाहनों से उतारते समय गोवंश घायल हो गए थे, इनमें से ही पशु की मौत हो रही है। घायलों का उपचार भी कराया।
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गोवंशीय पशुओं को बसेरा देने के लिए गोवंश स्थलों की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। मीतली गांव में बनाए गोवंश आश्रय स्थल में दर्जनों गोवंशीय पशु चोटिल और बीमार हैं, जिनमें एक पशु की रविवार को मौत हो गई है। ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो उनमें रोष व्याप्त हो गया है। ग्राम प्रधान के पति सतीश राणा को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद दर्जनों ग्रामीण आश्रय स्थल पहुंचे, यहां पर उन्होंने मृत गोवंश को गहरा गड्ढा में दबवा दिया। ग्रामीण बिजेंद्र, ओमपाल, शिवकुमार, जितेंद्र, प्रदीप, कमल, देवेंद्र, सुधीर ने बताया कि यहां नियमित रूप से पशुओं की देखभाल नहीं हो रही है, जिस कारण पशु बीमारी झेल रहे हैं। इससे पहले भी एक गाय की मौत हो चुकी है। पशु चिकित्सा विभाग से उपचार कराने की मांग की। ग्राम प्रधान के पति सतीश राणा ने कहा भूख से गोवंश की मौत नहीं हुई है। वाहनों से उतारते समय गोवंश घायल हो गए थे, इनमें से ही पशु की मौत हो रही है। घायलों का उपचार भी कराया।
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