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भाजपा सरकार में किसान परेशान - सुरेंद्र पंवार
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बड़ौत (बागपत)।
सपा कार्यकर्ताओं की बैठक में भाजपा शासन में गन्ने की पर्चियों का वितरण ठीक तरह से नहीं किया जा रहा है और न ही गन्ना भुगतान किया। इसे लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
नेहरू रोड पर स्थित अपने आवास पर आयोजित बैठक में जिला कार्यालय प्रभारी सुरेंद्र पंवार ने कहा कि सरकार बार-बार गन्ना भुगतान की घोषणा करती है, लेकिन वह घोषणा ही रह जाती है। जबकि गन्ने का भुगतान नहीं होता। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ कह दिया है कि चीनी मिल बंद होने की कगार पर है। चीनी समुद्र में फेंकनी पड़ेगी। जब चीनी का स्टॉक इतना अधिक हमारे देश में हैं तो बाहर से चीनी का आयात क्यों हो रहा है। जब-जब भाजपा सत्ता में होती है, तब तब किसानों की यही दुर्दशा होती है, क्योंकि भाजपा की नीति व नीयत में खोट है। भाजपा चाहती है कि किसानी घाटे का सौदा हो जाए और किसान अपनी जमीन औने-पौने दामों में बेच दे। वहीं आलू किसान का भी यहीं हाल है। फसल पर दो रुपये किलो किसानों को बेचना पड़ रहा है। बाद में 20 रुपये किलों बिकता है। भाजपा सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर, व्यापारी परेशान हैं। इसकी अध्यक्षता ब्रजपाल अमीन ने की। संचालन कृष्णपाल ने किया। इसमें पप्पू, उदयवीर, गुड्डू, ललित सभासद, राजू, तहसीम, अशोक, सतीश, ब्रिजेश शर्मा, अखलाक, संजीव, सहदेव, सुरेश, राजीव, प्रमोद, बाबू सैनी आदि रहे।
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सपा कार्यकर्ताओं की बैठक में भाजपा शासन में गन्ने की पर्चियों का वितरण ठीक तरह से नहीं किया जा रहा है और न ही गन्ना भुगतान किया। इसे लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
नेहरू रोड पर स्थित अपने आवास पर आयोजित बैठक में जिला कार्यालय प्रभारी सुरेंद्र पंवार ने कहा कि सरकार बार-बार गन्ना भुगतान की घोषणा करती है, लेकिन वह घोषणा ही रह जाती है। जबकि गन्ने का भुगतान नहीं होता। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ कह दिया है कि चीनी मिल बंद होने की कगार पर है। चीनी समुद्र में फेंकनी पड़ेगी। जब चीनी का स्टॉक इतना अधिक हमारे देश में हैं तो बाहर से चीनी का आयात क्यों हो रहा है। जब-जब भाजपा सत्ता में होती है, तब तब किसानों की यही दुर्दशा होती है, क्योंकि भाजपा की नीति व नीयत में खोट है। भाजपा चाहती है कि किसानी घाटे का सौदा हो जाए और किसान अपनी जमीन औने-पौने दामों में बेच दे। वहीं आलू किसान का भी यहीं हाल है। फसल पर दो रुपये किलो किसानों को बेचना पड़ रहा है। बाद में 20 रुपये किलों बिकता है। भाजपा सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर, व्यापारी परेशान हैं। इसकी अध्यक्षता ब्रजपाल अमीन ने की। संचालन कृष्णपाल ने किया। इसमें पप्पू, उदयवीर, गुड्डू, ललित सभासद, राजू, तहसीम, अशोक, सतीश, ब्रिजेश शर्मा, अखलाक, संजीव, सहदेव, सुरेश, राजीव, प्रमोद, बाबू सैनी आदि रहे।
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