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धर्म पथ से होगा जीवन सार्थक:जैनाचार्य
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बिनौली (बागपत)। श्री जैन स्थानकवासी मंदिर बिनौली में मंगलवार को जैनाचार्य सुभद्र मुनि महाराज ने कहा कि आत्मा को पावन पवित्र करने के लिए धर्म पर श्रद्धा होनी चाहिए। धर्म पथ पर चलने से ही मनुष्य का जीवन सार्थक होगा।
सुभद्र मुनि महाराज थाणे आठ ने धर्मसभा में प्रवचन करते हुए कहा कि आत्मा को पवित्र रखने के लिए श्रद्धा और धर्माचरण को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा अनमोल है, महान है, जिस हृदय में श्रद्धा होती है, उसका जीवन व आत्मा भी पवित्र होती है। उन्होंने कहा कि श्रद्धावान व्यक्ति को ही ज्ञान प्राप्त होता है। जो व्यक्ति की धर्म की आराधना करता है, उसका जीवन सफल होता है। धर्म से विमुख व्यक्ति का जीवन कभी सार्थक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जीवन की राह पर आंखें खोलकर व ध्यान से चलना चाहिए, बुराइयों को त्याग कर अच्छाई की राह को अपनाकर समस्याग्रस्त व दुखी लोगों की मदद करनी चाहिए। मदद करने वाला इंसान उनके लिए देवता समान होता है। इस दौरान आनंद मुनि, अमित मुनि, सिपेश मुनि महाराज ने भी प्रवचन किए। धर्म सभा में सत्यप्रकाश गोयल, योगेश जैन, दिनेश जैन, नीरज जैन, श्रवण जैन, अवनीश जैन, डॉ. सुरेंद्र जैन, अजय जैन, विशाल जैन, लोकेश जैन, ममता जैन, सन्नी जैन, सचिन जैन आदि मौजूद रहे।
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सुभद्र मुनि महाराज थाणे आठ ने धर्मसभा में प्रवचन करते हुए कहा कि आत्मा को पवित्र रखने के लिए श्रद्धा और धर्माचरण को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा अनमोल है, महान है, जिस हृदय में श्रद्धा होती है, उसका जीवन व आत्मा भी पवित्र होती है। उन्होंने कहा कि श्रद्धावान व्यक्ति को ही ज्ञान प्राप्त होता है। जो व्यक्ति की धर्म की आराधना करता है, उसका जीवन सफल होता है। धर्म से विमुख व्यक्ति का जीवन कभी सार्थक नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जीवन की राह पर आंखें खोलकर व ध्यान से चलना चाहिए, बुराइयों को त्याग कर अच्छाई की राह को अपनाकर समस्याग्रस्त व दुखी लोगों की मदद करनी चाहिए। मदद करने वाला इंसान उनके लिए देवता समान होता है। इस दौरान आनंद मुनि, अमित मुनि, सिपेश मुनि महाराज ने भी प्रवचन किए। धर्म सभा में सत्यप्रकाश गोयल, योगेश जैन, दिनेश जैन, नीरज जैन, श्रवण जैन, अवनीश जैन, डॉ. सुरेंद्र जैन, अजय जैन, विशाल जैन, लोकेश जैन, ममता जैन, सन्नी जैन, सचिन जैन आदि मौजूद रहे।
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