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कान्हड़ में ग्रामीणों की भूख हड़ताल शुरू
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:24 AM IST
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दोघट (बागपत)।
कान्हड़ गांव में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय का मलबा उठाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। खंड शिक्षा अधिकारी बिनौली ने आंदोलन पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ वार्ता की। उन्होंने आंदोलनकारियों को तीन दिन के मलबे को उठाने का आश्वासन दिया, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। उन्होंने कहा कि जब कि मलबा नहीं उठाया जाएगा, वे भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
कान्हड़ गांव में चरण सिंह और सरदार सिंह ने परिवार के साथ घर पर ही भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन गिर गया। विभाग द्वारा उसके मलबे को आज तक नहीं उठवाया गया। मलबे के कारण कई मकान गिरने की कगार पर हैं। आधा रास्ता भी बंद है। उन्होंने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी बिनौली सतीश शर्मा गांव में आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ वार्ता की। उन्होंने बताया कि तीन दिन में मलबे को उठा लिया जाएगा। नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया सरकारी मलबा है, इसको बिना प्रशासन की स्वीकृति के नहीं उठा सकते है। स्वीकृति के बाद उठवा दिया जाएगा। विद्यालय की जगह में पंचायत घर का निर्माण कराया जाएगा। भूख हड़ताल पर ग्रामीणों ने बीईओ की बात मानने से इंकार कर दिया और कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगा। धरने पर सत्येंद्र पंवार, सनोज पंवार, सूर्य प्रकाश, रविंद्र कुमार, नीटू कुमार, अशोक कुमार, प्रमोद कुमार, राजपाल, मांगेराम, सुरेंद्र, इंद्रजीत, राज सिंह, बीरमति, सुरेशो, राजवती, करतारी आदि रहे।
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कान्हड़ गांव में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय का मलबा उठाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। खंड शिक्षा अधिकारी बिनौली ने आंदोलन पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ वार्ता की। उन्होंने आंदोलनकारियों को तीन दिन के मलबे को उठाने का आश्वासन दिया, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने। उन्होंने कहा कि जब कि मलबा नहीं उठाया जाएगा, वे भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
कान्हड़ गांव में चरण सिंह और सरदार सिंह ने परिवार के साथ घर पर ही भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन गिर गया। विभाग द्वारा उसके मलबे को आज तक नहीं उठवाया गया। मलबे के कारण कई मकान गिरने की कगार पर हैं। आधा रास्ता भी बंद है। उन्होंने डीएम से लेकर मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के भूख हड़ताल पर बैठने की सूचना मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी बिनौली सतीश शर्मा गांव में आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ वार्ता की। उन्होंने बताया कि तीन दिन में मलबे को उठा लिया जाएगा। नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया सरकारी मलबा है, इसको बिना प्रशासन की स्वीकृति के नहीं उठा सकते है। स्वीकृति के बाद उठवा दिया जाएगा। विद्यालय की जगह में पंचायत घर का निर्माण कराया जाएगा। भूख हड़ताल पर ग्रामीणों ने बीईओ की बात मानने से इंकार कर दिया और कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगा। धरने पर सत्येंद्र पंवार, सनोज पंवार, सूर्य प्रकाश, रविंद्र कुमार, नीटू कुमार, अशोक कुमार, प्रमोद कुमार, राजपाल, मांगेराम, सुरेंद्र, इंद्रजीत, राज सिंह, बीरमति, सुरेशो, राजवती, करतारी आदि रहे।
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