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123 विद्यार्थियों के डाटा को समाज कल्याण अधिकारी ने कराया निरस्त
Updated Mon, 05 Mar 2018 12:48 AM IST
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बागपत। समाज कल्याण विभाग की साइट हैक कर बढ़ाई गई छात्रों की संख्या को समाज कल्याण अधिकारी ने निरस्त करा दिया है। वहीं 123 छात्रों की संख्या बढ़ाने की जांच शुरू करा दी है किस स्तर से विभाग की साइट को हैक किया। यदि कॉलेज की ओर से यह मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
समाज कल्याण विभाग से कॉलेज में फर्जी छात्रों के दाखिले दिखाकर छात्रवृत्ति और प्रतिपूर्ति शुल्क हड़पने की शिकायत की । अमीनगर सराय क्षेत्र के कॉलेज संचालक पर 123 विद्यार्थियों को डाटा साइट पर अप लोड कर शासन को अग्रसारित करने का मामला सामने आया । समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने इसकी जांच पड़ताल की। उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह योजना से पहले 1901 विद्यार्थियों को डाटा लॉक कर अग्रसित कर दिया गया था। दोबारा से जब इसकी समीक्षा की तो साइट पर 2024 विद्यार्थी प्रदर्शित हो रहे थे। इस संबंध में निदेशक को पत्र लिखकर 123 विद्यार्थियों का डाटा को निरस्त कराने के लिए कहा था।
जांच करने पर सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक संस्थान के छात्र सामने आए थे। सभी विद्यार्थियों के डॉटा को निरस्त करा दिया है। अब जांच कराई जा रही है कि किस स्तर से साइट हैक की गई। यदि कॉलेज की इसमें से यह खेल खेला गया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आती है किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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समाज कल्याण विभाग से कॉलेज में फर्जी छात्रों के दाखिले दिखाकर छात्रवृत्ति और प्रतिपूर्ति शुल्क हड़पने की शिकायत की । अमीनगर सराय क्षेत्र के कॉलेज संचालक पर 123 विद्यार्थियों को डाटा साइट पर अप लोड कर शासन को अग्रसारित करने का मामला सामने आया । समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने इसकी जांच पड़ताल की। उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह योजना से पहले 1901 विद्यार्थियों को डाटा लॉक कर अग्रसित कर दिया गया था। दोबारा से जब इसकी समीक्षा की तो साइट पर 2024 विद्यार्थी प्रदर्शित हो रहे थे। इस संबंध में निदेशक को पत्र लिखकर 123 विद्यार्थियों का डाटा को निरस्त कराने के लिए कहा था।
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जांच करने पर सिंघावली अहीर क्षेत्र के एक संस्थान के छात्र सामने आए थे। सभी विद्यार्थियों के डॉटा को निरस्त करा दिया है। अब जांच कराई जा रही है कि किस स्तर से साइट हैक की गई। यदि कॉलेज की इसमें से यह खेल खेला गया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आती है किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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