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बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर हंगामा
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:24 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर शनिवार को छछरपुर गांव के ग्रामीणों ने गांव में एकत्र होकर मिल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही निर्णय लिया यदि मिल ने जल्द ही बकाया गन्ना भुगतान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
शनिवार को काफी संख्या मेें किसान ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में एकत्रित हुए और मिल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा जनपद के किसानों की मुख्य फसल गन्ना है, इसलिए किसान अत्यधिक मात्रा में गन्ने की फसल का उत्पादन करते हैं। क्षेत्र की मलकपुर चीनी मिल पर सैकड़ों गांवों के हजारों किसानों का गन्ना पेराई सत्र के दौरान जाता है, लेकिन मिल प्रशासन पिछले कई साल से क्षेत्र के किसानों का गन्ना भुगतान नहीं कर रहे हैं। पिछले सत्र का अभी तक मिल पर क्षेत्र के किसानों का लगभग 281 करोड़ रुपये बकाया है। इससे क्षेत्र के किसानों का आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। कई किसानों ने तो आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली है। लेकिन इसके बावजूद भी न तो मिल प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही जिला प्रशासन। उन्होंने निर्णय लिया यदि जल्द ही आगामी पेराई सत्र से पूर्व मिल ने बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया तो क्षेत्र के किसान आंदोलन शुरू करेंगे । इनमें पूर्व प्रधान महिपाल, राजेंद्र, अनिल, सुरेंद्र, हरपाल, सुखवीर, वेद पाल, महक सिंह, सुनील, जोगेंद्र, प्रदीप, सोहन पाल आदि रहे।
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बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर शनिवार को छछरपुर गांव के ग्रामीणों ने गांव में एकत्र होकर मिल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही निर्णय लिया यदि मिल ने जल्द ही बकाया गन्ना भुगतान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
शनिवार को काफी संख्या मेें किसान ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में एकत्रित हुए और मिल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा जनपद के किसानों की मुख्य फसल गन्ना है, इसलिए किसान अत्यधिक मात्रा में गन्ने की फसल का उत्पादन करते हैं। क्षेत्र की मलकपुर चीनी मिल पर सैकड़ों गांवों के हजारों किसानों का गन्ना पेराई सत्र के दौरान जाता है, लेकिन मिल प्रशासन पिछले कई साल से क्षेत्र के किसानों का गन्ना भुगतान नहीं कर रहे हैं। पिछले सत्र का अभी तक मिल पर क्षेत्र के किसानों का लगभग 281 करोड़ रुपये बकाया है। इससे क्षेत्र के किसानों का आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। कई किसानों ने तो आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली है। लेकिन इसके बावजूद भी न तो मिल प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही जिला प्रशासन। उन्होंने निर्णय लिया यदि जल्द ही आगामी पेराई सत्र से पूर्व मिल ने बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया तो क्षेत्र के किसान आंदोलन शुरू करेंगे । इनमें पूर्व प्रधान महिपाल, राजेंद्र, अनिल, सुरेंद्र, हरपाल, सुखवीर, वेद पाल, महक सिंह, सुनील, जोगेंद्र, प्रदीप, सोहन पाल आदि रहे।
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