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बिनौली ब्लॉक में 72 मजदूरों को नहीं हुआ 7.63 लाख का भुगतान
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:38 AM IST
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बिनौली ब्लॉक में 72 मजदूरों का 7.63 लाख बकाया
बागपत। बिनौली ब्लॉक में दो वर्षों से 72 मजदूरों की 7.63 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान अधर में लटका हुआ है। विभागीय कर्मचारियों ने मजदूरों के खाते चेक नहीं किए हैं। डीडीओ हुब लाल ने शनिवार को निरीक्षण के दौरान जांच पड़ताल की तो इसका खुलासा हुआ। लापरवाही के कारण एक दर्जन से अधिक वीडीओ का जुलाई माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिले में मनरेगा का बुरा हाल है। एक तो मजदूरों का टोटा है, ऊपर से जो मजदूर काम कर रहे हैं उनका मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ब्लॉकों में अधिकारियों की लापरवाही कहे या मनमानी जोरों पर चल रही है। वीडीओ का तो मजदूरों की मानदेय देने की ओर कोई ध्यान नहीं है। इस कारण मनरेगा धड़ाम होती नजर आ रही है। जिला विकास अधिकारी हुब लाल ने बिनौली ब्लॉक का निरीक्षण किया और अभिलेखों की जांच की तो पता चला कि मनरेगा मजदूरों को दो वर्षों से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया था। जिसमें ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। ब्लॉक के 72 मजदूरों को पिछले दो साल से 7.63 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। उक्त अफसरों को बैंकों खाता संख्या सहीं नहीं मिला। डीडीओ ने 14 ग्राम पंचायत अधिकारियों के जुलाई माह का वेतन का भुगतान न करने और वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। चेतावनी दी बैंक में जाकर उनके खातों की जांच कर तीन दिन के अंदर भुगतान मजदूरों के खाते में पहुंचाए। उन्होंने बताया कि सीडीओ और डीएम को इस तरह के मामले की जांच उच्च स्तरीय जांच कमेटी से कराने के लिए पत्र लिखा है।
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बागपत। बिनौली ब्लॉक में दो वर्षों से 72 मजदूरों की 7.63 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान अधर में लटका हुआ है। विभागीय कर्मचारियों ने मजदूरों के खाते चेक नहीं किए हैं। डीडीओ हुब लाल ने शनिवार को निरीक्षण के दौरान जांच पड़ताल की तो इसका खुलासा हुआ। लापरवाही के कारण एक दर्जन से अधिक वीडीओ का जुलाई माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिले में मनरेगा का बुरा हाल है। एक तो मजदूरों का टोटा है, ऊपर से जो मजदूर काम कर रहे हैं उनका मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ब्लॉकों में अधिकारियों की लापरवाही कहे या मनमानी जोरों पर चल रही है। वीडीओ का तो मजदूरों की मानदेय देने की ओर कोई ध्यान नहीं है। इस कारण मनरेगा धड़ाम होती नजर आ रही है। जिला विकास अधिकारी हुब लाल ने बिनौली ब्लॉक का निरीक्षण किया और अभिलेखों की जांच की तो पता चला कि मनरेगा मजदूरों को दो वर्षों से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया था। जिसमें ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। ब्लॉक के 72 मजदूरों को पिछले दो साल से 7.63 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। उक्त अफसरों को बैंकों खाता संख्या सहीं नहीं मिला। डीडीओ ने 14 ग्राम पंचायत अधिकारियों के जुलाई माह का वेतन का भुगतान न करने और वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। चेतावनी दी बैंक में जाकर उनके खातों की जांच कर तीन दिन के अंदर भुगतान मजदूरों के खाते में पहुंचाए। उन्होंने बताया कि सीडीओ और डीएम को इस तरह के मामले की जांच उच्च स्तरीय जांच कमेटी से कराने के लिए पत्र लिखा है।
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