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कैंटर पेड़ से टकराया, चालक की मौत
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:21 AM IST
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बागपत। मेरठ-बड़ौत मार्ग पर बरनावा गांव के पास कैटर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया। हादसे में चालक की मौत हो गई। दुर्घटना का कारण चालक को नींद की झपकी लगना बताया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव घर ले गए।
मेरठ-बरनावा मार्ग पर बरनावा गांव के पास बुधवार की सुबह पांच बजे के लगभग अनियंत्रित होकर कैटर पेड़ से टकरा गया। चालक कैटर के अंदर ही फंस गया। दुर्घटना स्थल पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पुलिस ने चालक को किसी तरह कैटर से निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसके पास से मिले मोबाइल फोन से परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुलतानपुर जनपद के नोगुवातीर गांव निवासी मित्रसैन ने मोर्चरी पहुंचकर शव की शिनाख्त 43 वर्षीय पिता दशरथ यादव के रूप में की। उसने बताया कि पिता कैटर चालक थे। मंगलवार की रात में दिल्ली से कैटर में प्लास्टिक के ड्रम लेकर मुजफ्फरनगर जा रहे थे। बुधवार की सुबह 4:10 बजे उसकी पिता से फोन पर बात हुई ।
पिता ने बताया था कि थोड़ी देर में बड़ौत पहुंच जाऊंगा। इसके बाद उनकी कोई बात नहीं हुई। पुलिस ने उन्हें हादसे के बारे में सूचना दी। चालक की मौत की सूचना पर परिवार में भी कोहराम मचा है। मृतक के तीन बेटे और दो बेटी है। बिनौली थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार बिष्ट ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को ले गए है। कैटर को सड़क से हटवाया। चालक को नींद की झपकी लगने के कारण हादसा होने की आशंका है।
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मेरठ-बरनावा मार्ग पर बरनावा गांव के पास बुधवार की सुबह पांच बजे के लगभग अनियंत्रित होकर कैटर पेड़ से टकरा गया। चालक कैटर के अंदर ही फंस गया। दुर्घटना स्थल पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पुलिस ने चालक को किसी तरह कैटर से निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसके पास से मिले मोबाइल फोन से परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुलतानपुर जनपद के नोगुवातीर गांव निवासी मित्रसैन ने मोर्चरी पहुंचकर शव की शिनाख्त 43 वर्षीय पिता दशरथ यादव के रूप में की। उसने बताया कि पिता कैटर चालक थे। मंगलवार की रात में दिल्ली से कैटर में प्लास्टिक के ड्रम लेकर मुजफ्फरनगर जा रहे थे। बुधवार की सुबह 4:10 बजे उसकी पिता से फोन पर बात हुई ।
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पिता ने बताया था कि थोड़ी देर में बड़ौत पहुंच जाऊंगा। इसके बाद उनकी कोई बात नहीं हुई। पुलिस ने उन्हें हादसे के बारे में सूचना दी। चालक की मौत की सूचना पर परिवार में भी कोहराम मचा है। मृतक के तीन बेटे और दो बेटी है। बिनौली थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार बिष्ट ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को ले गए है। कैटर को सड़क से हटवाया। चालक को नींद की झपकी लगने के कारण हादसा होने की आशंका है।
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